
बंगाल और असम में दूसरे चरण का चुनाव प्रचार आज थमा, नंदीग्राम में सबसे बड़ा 'संग्राम'
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बंगाल और असम में दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार आज खत्म हो गया. दूसरे चरण के चुनाव में बंगाल की सबसे हाई प्रोफाइल सीट मानी जा रही नंदीग्राम सीट भी शामिल है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी से शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने मैदान में हैं.
पश्चिम बंगाल और असम में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार का शोर आज मंगलवार शाम थम गया. बंगाल की 30 विधानसभा सीटों पर 171 प्रत्याशी मैदान में हैं तो असम की 39 सीटों पर 345 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं. दोनों ही राज्यों में दूसरे चरण की वोटिंग गुरुवार को होनी है. Panic-stricken @BJP4India leaders are flooding Nandigram with outsiders from Bihar & UP to create disturbances in the area. WHY is @ECISVEEP & @CEOWestBengal not taking any action?! Women in WB have always fought off every evil forces. We don't fear anyone!#BohiragotoChaiNa pic.twitter.com/aKgphxAFPQ Thank you Nandigram!#BanglayEbarAsolPoriborton pic.twitter.com/SIhpqHRW5D बंगाल में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की साख दांव पर है तो असम में बीजेपी भी सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिशों में जुटी है. पहले चरण के चुनाव में दोनों राज्यों में 70 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ था. बंगाल में 80 फीसदी तो असम में 72 फीसदी मतदान हुआ था.
झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

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