
पढ़ें क्या हैं 9 नवंबर 2023 की भारत, अमेरिका और दुनिया की बड़ी खबरें
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9 नवंबर के दिन अमेरिका, दुनिया और भारत में ये खबरें सुर्खियों में बनी रहीं. आइए डालते हैं एक नजर...
अमेरिका में इंसानी दिमाग में चिप लगाने की मंजूरी मिल गई है. इजरायल और हमास की जंग में हमास का एक और कमांडर मारा गया है. वहीं, कतर में 8 भारतीयों को मिली मौत की सजा के खिलाफ भारत ने अपील की है.
अमेरिका की 5 बड़ी खबरें...
1. इंसानी दिमाग में चिप लगाने को मंजूरी
एलन मस्क के स्टार्टअप Neuralink को अमेरिकी एजेंसी FDA की तरफ से ह्यूमन ट्रायल को लेकर क्लीन चिट मिल गई है और आने वाले कुछ महीनों के अंदर वह ट्रायल का प्रोसेस शुरू करेगा. स्टार्टअप का लक्ष्य साल 2030 तक 22 हजार लोगों पर ब्रेन चिप इंप्लांट करना है. बताते चलें कि इस चिप की मदद से आसपास मौजूद लैपटॉप, टैबलेट और अन्य गैजेट तक वायरलेस कनेक्टिविटी के जरिए कमांड दे सकेगा.
2. इजरायल गाजा को नहीं चला सकताः ब्लिंकन
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि इस युद्ध के बाद इजरायल, गाजा पर कब्जा नहीं करेगा. इजरायल गाजा को नहीं चला सकता है. इस संघर्ष के बाद ट्रांजिशन पीरियड संभव है यानी जबतक ये निश्चित नहीं हो जाता कि गाजा पर शासन कौन करेगा, तबतक इजरायल के पास कमान होगी.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.

गुरु गोलवलकर मानते थे कि चीन स्वभाव से विस्तारवादी है और निकट भविष्य में चीन द्वारा भारत पर आक्रमण करने की पूरी संभावना है. उन्होंने भारत सरकार को हमेशा याद दिलाया कि चीन से सतर्क रहने की जरूरत है. लेकिन गोलवलकर जब जब तिब्बत की याद दिलाते थे उन्हों 'उन्मादी' कह दिया जाता था. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.

यूरोपीय संघ के राजदूतों ने रविवार यानि 18 जनवरी को बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में आपात बैठक की. यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद बुलाई गई. जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर कई यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की बात कही है. जर्मनी और फ्रांस सहित यूरोपीय संध के प्रमुख देशों ने ट्रंप की इस धमकी की कड़ी निंदा की है.

दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ रही है. अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय नीतियां विवादों में हैं, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की तुलना हिटलर की तानाशाही से की जा रही है. वेनेज़ुएला पर हमला करने और ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की धमकी के बाद अमेरिका ने यूरोप के आठ NATO देशों पर टैरिफ लगाया है.







