
प्रयागराज: 50 दिन में 5 मर्डर... 47 सेकेंड की बमबाजी से लेकर 10 सेकेंड की फायरिंग की पूरी कहानी
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15 अप्रैल को माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार को पुलिस कस्टडी में अस्पताल ले जाते वक्त हत्या कर दी गई, जिसे पूरी दुनिया ने लाइव देखा था. 10 सेकेंड में यह वारदात हुई थी. इससे 50 दिन पहले यानी 24 फरवरी को उमेश पाल की अतीक अहमद के बेटे असद समेत 6 शूटरों ने 47 सेकेंड में हत्या की थी.
वैसे तो प्रयागराज की चर्चा पूरी दुनिया में गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम की वजह से होती है, लेकिन बीते 50 दिनों में यह शहर दो बड़े शूटआउट का गवाह बन गया है. 50 दिन के अंदर हुए दो शूटआउट में पांच लोगों की हत्या हो चुकी है. मरने वालों में माफिया अतीक अहमद भी शामिल है, जिसकी तूती पूरे प्रयागराज में बोला करती थी.
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार को पुलिस कस्टडी में अस्पताल ले जाते वक्त हत्या कर दी गई, जिसे पूरी दुनिया ने लाइव देखा था. दरअसल, अतीक और अशरफ जब मीडिया के कैमरे के सामने अपना जुबान खोल रहे थे, तभी तीन शूटरों ने फायरिंग शुरू कर दी. अतीक और अशरफ को 10 सेकेंड में करीब 18 गोलियों मारी गई.
10 सेकेंड में करीब 18 गोलियों
अचानक अंधेरे को चीरते हुए तीन लड़के टीवी के लाइव कैमरों पर नमूदार होते हैं और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाए, वो काम कर डालते हैं, जो जुर्म की दुनिया में कभी ना भूलनेवाली एक वारदात बन जाती है. 15 अप्रैल की रात प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के पास जो कुछ हुआ, उसे मीडिया के कैमरों पर पूरी दुनिया ने देखा.
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अतीक-अशरफ को लेकर 15 अप्रैल यानी शनिवार रात 10.32 बजे प्रयागराज पुलिस कॉल्विन अस्पताल मेडिकल कराने पहुंचती है. पहले अशरफ उतरता है. पुलिस की जीप से अतीक एक पुलिसकर्मी और अशरफ का सहारा लेकर उतरता है. अतीक उतरते वक्त बाईं तरफ देखता है. एक ही हथकड़ी में अतीक और अशरफ बंधे होते हैं.

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