
प्रदूषण की मार से त्रस्त दिल्ली, सख्त हुए ग्रैप-3 नियम, वर्क फ्रॉम होम को मंजूरी
AajTak
देश की राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सरकार ने एडवाइजरी जारी कर दी है. दिल्ली में हवा लगातार जहरीली होती जा रही है. लोगों को घर से काम करने की हिदायत दी गई है.
राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का खौफ बढ़ता जा रहा है. शनिवार के दिन यहां की हवा और जहरीली हो गई. इस दौरान AQI 400 के पार चला गया. सरकार ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एडवाइजरी जारी कर दी है.
इस एडवाइजरी में प्राइवेट इंस्टिट्यूट को वर्क फ्रॉम होम करने की हिदायत दी गई है. सरकार ने कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM)के निर्देशों के अनुसार राजधानी के प्राइवेट दफ्तरों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है.
एडवाइजरी में इन बातों का हुआ जिक्र
इसके तहत अब प्राइवेट ऑफिसेज 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ ऑन-साइट काम करेंगे और बाकी कर्मचारी वर्क-फ्रॉम-होम करे सकेंगे. यह कदम एहतियात के तौर पर लिया गया है ताकि प्रदूषण की स्थिति को संतुलित किया जा सके.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










