
पेपर स्प्रे साथ लेकर आए थे आरोपी... ये था प्लान, बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में नया खुलासा
AajTak
पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले में शामिल आरोपी अपने साथ मिर्च स्प्रे (pepper spray) लाए थे. आरोपियों ने बाबा पर स्प्रे छिड़ककर उनकी हत्या का प्लान बनाया था, लेकिन उससे पहले ही शिवा ने गोली चला दी. क्योंकि स्प्रे धर्मराज कश्यप के पास था. जो अब पुलिस की गिरफ्त में हैं.
मुंबई में शनिवार देर रात एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अब इस मामले में पुलिस सूत्रों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. सूत्रों का कहना है कि बाबा सिद्दीकी पर शिवा कुमार ने फायरिंग की थी. जो कि अभी फरार है. आरोपियों ने एनसीपी नेता की आंखों में मिर्च (pepper spray) स्प्रे डालकर हत्या करने का प्लान बनाया था. पुलिस इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.
पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी पर शिवा कुमार गौतम नाम के आरोपी ने फायरिंग की थी. जो अभी फरार है. आरोपियों ने बाबा सिद्दीकी पर 6 राउंड फायरिंग की थी. बाबा सिद्दीकी के अलावा एक अन्य वर्कर के पैर में भी गोली लगी है.
'मिर्च स्प्रे डालकर करना चाहते थे हत्या'
सूत्रों का कहना है कि आरोपी मिर्च स्प्रे (pepper spray) अपने साथ लाए थे. आरोपी बाबा पर स्प्रे छिड़ककर उनकी हत्या करना चाहते थे, लेकिन उससे पहले ही शिवा ने गोली चला दी. क्योंकि स्प्रे धर्मराज कश्यप के पास था. जो अब पुलिस की गिरफ्त में है.
'नहीं थी स्पेशल कैटेगरी की सुरक्षा'
पुलिस सूत्रों ने ये भी बताया कि बाबा सिद्दीकी के पास किसी भी प्रकार की स्पेशल कैटेगरी की सुरक्षा नहीं थी, लेकिन सुरक्षा के लिए तीन सिपाही उनके साथ रहते थे. वे कल भी उनके साथ थे, पर घटना के दौरान वह कुछ नहीं कर सके. एक अन्य कार्यकर्ता के पैर में भी गोली लगी है.

जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.

आज सबसे पहले दस्तक देने जा रहे हैं, पंजाब में ध्वस्त होते लॉ एंड ऑर्डर पर, पंजाब में बढ़ते, गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर पर. जी हां पंजाब में इस वक्त एक दर्जन से ज़्यादा गैंग्स सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, कानून के रखवालों के दफ्तरों के सामने हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, और तो और बिना डरे, पंजाब पुलिस, पंजाब सरकार को, पंजाब के नेताओं, मंत्रियों, उनके बच्चों, उनके रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. देखें दस्तक.

देहरादून के विकासनगर इलाके में दुकानदार द्वारा दो कश्मीरी भाइयों पर हमला करने का मामला सामने आया है. खरीदारी को लेकर हुए विवाद के बाद दुकानदार ने मारपीट की, जिसमें 17 साल के नाबालिग के सिर में चोट आई. दोनों भाइयों की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी दुकानदार संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.

जिस मुद्दे पर नियम बनाकर UGC ने चुप्पी साध ली, राजनीतिक दल सन्नाटे में चले गए, नेताओं ने मौन धारण कर लिया.... रैली, भाषण, संबोधनों और मीडिया बाइट्स में सधे हुए और बंधे हुए शब्द बोले जाने लगे या मुंह पर उंगली रख ली गई. आखिरकार उन UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़े सवाल पूछते हुए इन्हें भेदभावपूर्ण और अस्पष्ट मानते हुए इन नियमों पर अस्थाई रोक लगा दी. आज हमारा सवाल ये है कि क्या इन नियमों में जो बात सुप्रीम कोर्ट को नजर आई... क्या वो जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दी?

जब UGC के नए नियमों के खिलाफ छात्र सड़कों पर विरोध कर रहे थे और ये कह रहे थे कि उन्हें ज़बरदस्ती अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, तब सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इन नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है, जिससे छात्रों को राहत मिली है. यह कदम छात्रों के अधिकारों की रक्षा और न्यायसंगत प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि नियमों को लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय और हितों को ध्यान में रखना आवश्यक है.







