
पुणे ISIS मॉड्यूल केस में 7 के खिलाफ NIA की चार्जशीट, जांच में हुए कई बड़े खुलासे
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल केस में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दिया है. इसमें कई बड़े खुलासे किए गए हैं. मसलन, आरोपियों ने हिंदुस्तान की धरती पर आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए बड़ी साजिश रची थी. इसके लिए आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए थे. बड़ी संख्या में फंड एकत्र कर रहे थे.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकवादी हमलों को अंजाम देने की साजिश में शामिल होने के आरोपी सात आईएसआईएस सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है. पुणे स्थित आईएसआईएस मॉड्यूल केस में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत एनआईए विशेष अदालत के सामने चार्जशीट दायर किया गया है.
एनआईए अधिकारियों ने आरोपियों की पहचान मोहम्मद इमरान, मोहम्मद याकूब साकी, अब्दुल कदीर, नसीरुद्दीन काजी, जुल्फिकार अली, शमील साकिब नाचन और आकिफ अतीक नाचन के रूप में की है. इनमें से दो आरोपी मध्य प्रदेश और पांच महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. इन के खिलाफ आरोप है कि ये इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के लिए आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के इरादे से फंड इकट्ठा करते थे.
एनआईए की चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपियों ने आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए थे. कई वांछित आतंकवादियों को शरण दी थी. इतना ही नहीं आईईडी बनाने के लिए जरूरी सामान एकत्र कर रखा था. इन्होंने लोगों में आतंक की दहशत पैदा करने और धमकी देने के इरादे से आईएसआईएस की आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की साजिश रची थी. ये सभी भारत की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा हैं.
एनआईए के एक अधिकारी ने कहा, "हमारी जांच में इन लोगों के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का पता चला है. ये सभी लोग आईएसआईएस संचालकों के संपर्क में थे. उनके इशारे पर भारत के भीतर आईएसआईएस की चरमपंथी विचारधारा को प्रचारित करने के लिए एक नेटवर्क बना चुके थे. इनका इरादा हिंदुस्तान की धरती पर आतंकवादी वारदातों को अंजाम देना था. इन्होंने महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, तेलंगाना सहित कई राज्यों में सर्च ऑपरेशन किया था.
इतना ही नहीं इन आरोपियों ने आतंकी वारदातों की साजिश को अंजाम देने के लिए उचित जगहों को चिह्नित किया था. इसके बाद पुलिस से बचने के लिए इंतजाम भी किए थे. इसके तहत दूरदराज इलाकों और जंगलों में संभावित ठिकानों के रूप में पहचान की गई थी. इसके लिए भारत और विदेश दोनों ही स्रोतों से धन इकट्ठा किए गए थे. इनके खिलाफ 19 जुलाई को केस दर्ज किया गया था. 30 अगस्त को एनआईए ने जांच अपने हाथ में ले ली थी.
इन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर...

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