
पीछा नहीं छोड़ रहा अतीक का काला अतीत, 30 साल में बने 1200 करोड़ के अवैध साम्राज्य का हो रहा है ऐसा हश्र
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Atiq Ahmed Illegal Properties: माफिया डॉन अतीक अहमद की मौत के बाद भी उसके खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है. उसके एक राजमिस्त्री के खुलासे के बाद यूपी पुलिस ने अवैध संपत्तियों पर बड़ा एक्शन लिया है. इसके तहत गैंगस्टर की 12 करोड़ रुपए मूल्य की 20 बीघा जमीन कुर्क कर दी गई है, जिसे उसने 14 किसानों को डरा-धमकाकर लिखवाया था.
कभी माफिया डॉन रहे अतीक अहमद की पूरे पूर्वांचल में तूती बोलती थी, लेकिन आज उसका काला अतीत पीछा नहीं छोड़ रहा है. उसकी हत्या के बाद भी उसका नाम किसी न किसी मामले में सामने आ ही जाता है. सबसे बड़ी बात जिन संपत्तियों को उसने अपने बाहुबल के जरिए कब्जाया था, कमजोर और गरीब लोगों से छीना था, आज वो सब या तो कुर्क हो रही हैं या फिर पुलिस उन पर सरकारी बुलडोजर चलवाकर जमींदोज कर दे रही है. ताजा मामला उसके द्वारा कब्जाई गई 16 अवैध संपत्तियों से जुड़ा है, जिन्हें प्रयागराज पुलिस ने सोमवार को कुर्क कर दिया. उसके बाद कुर्की का बोर्ड लगाकर बाकायदा मुनादी करवाई गई कि उन संपत्तियों को सरकार ने जब्त कर लिया है. उसके साथ छेड़छाड़ करने वालों की खैर नहीं है.
सोमवार 6 नवंबर को प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट ने एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के कटहुला गौसपुर में माफिया अतीक अहमद की 5.0510 हेक्टेयर यानी करीब 20 बीघा जमीन गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर दी. इन संपत्तियों का मूल्य करीब 12 करोड़ रुपए का बताया जा रहा है, जिन्हें अतीक के गुर्गों ने कौड़ियों के भाव में रजिस्ट्री करा लिया था. इन जमीनों के बारे में अतीक के एक राजमिस्त्री हुबलाल ने खुलासा किया था. इसी साल 15 अप्रैल को प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के पास अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद हुबलाल डर गया. इसके बाद उसने खुद पुलिस के सामने आकर गैंगस्टर के सारे राज खोल दिए. उसने बताया कि उसके नाम पर 14 अगस्त 2015 को 16 संपत्तियों की रजिस्ट्री कराई गई थी.
शनिवार 4 नवंबर को पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा की कोर्ट ने अतीक अहमद की करोड़ों की बेनामी और अवैध संपत्ति को कुर्क करने का आदेश पारित किया था. पुलिस कमिश्नर ने कुर्की का ये पहला आदेश पारित किया है. बताया जा रहा है कि अतीक की इन अवैध संपत्तियों की कीमत 12 करोड़ 42 लाख 69 हजार 100 रुपए है. 14 दलित किसानों को जान से मारने की धमकी देकर उनकी 16 संपत्तियों की रजिस्ट्री हुबलाल के नाम पर कराने के मामले में साल 2020 में खुल्दाबाद थाने में केस दर्ज कराई गई थी. इसमें चार लोगों अतीक, नियाज, जाहिद, रियाज, मोहम्मद शेख के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था. इस मुकदमे की विवेचना कैंट थाना पुलिस ने की थी. लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी.
कौड़ियों के भाव ऐसे रजिस्ट्री कराते थे लोगों की जमीन
प्रयागराज पुलिस के सामने उसने अतीक अहमद के सारे राज उगल दिए. उसने बताया कि अतीक का गैंग कैसे लोगों के जमीनों पर कब्जा करता था, फिर उसे कमजोर लोगों के नाम पर रजिस्ट्री करवा देता था, ताकि वो बाद में आवाज न उठा सकें. लालपुर थाना क्षेत्र के मानपुर गांव के रहने वाले हुबलाल का कहना है कि 14 किसानों को डरा धमकाकर उनकी जमीन कौड़ियों के भाव पर उसके नाम करवाई गई थी. वो चाहता है कि सरकार इन जमीनों को लेकर अनाथालय या अस्पताल बनवा दे. उसका ये भी कहना है कि उसके नाम पर अङी कितनी और जमीन है, ये उसे नहीं पता है. उसके बयान के आधार पर पुलिस ने जब जांच की तो हैरान रह गई. बड़ी संख्या में बेनामी और अवैध संपत्तियां मिली हैं.
एक दलित के नाम पर इसलिए कराई दलितों की जमीन

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