
पीएम मोदी ने कहा 'तुलसी भाई' तो खुश हुए WHO के महानिदेशक, आयुष्मान भारत योजना के हुए कायल
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गुजरात पहुंचे WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनोम घेब्रेयेसस ने यहां आयोजित एक समारोह में कहा कि, सभी आय वर्ग के देशों को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल (पीएचसी) में निवेश करना चाहिए, जो 80 प्रतिशत से अधिक सेवाएं प्रदान कर सकता है और शुरुआती चरण में महामारी के प्रकोप का पता लगाने में भी मदद कर सकता है.
WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस घेब्रेयेसस बुधवार को गुजरात पहुंचे. यहां वह गांधीनगर में आयोजित तीन दिवसीय ‘वैश्विक आयुष निवेश एवं नवोन्मेष शिखर सम्मेलन’ के उद्घाटन समारोह में शिरकत कर रहे थे. इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें तुलसी भाई कहकर संबोधित किया तो WHO चीफ ने इस पर खुशी जताई और कहा कि 'यह मुझे पसंद आया क्योंकि तुलसी से पवित्र और औषधीय पौधा है. अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तुलसी (पवित्र तुलसी’ या ओसीमम टेनुइफ्लोरम) का पौधा भारतीय आध्यात्मिक विरासत का एकीकृत हिस्सा रहा है.
पीएचसी में निवेश करें सभी देश WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनोम घेब्रेयेसस ने समारोह में कहा कि, सभी आय वर्ग के देशों को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल (पीएचसी) में निवेश करना चाहिए, जो 80 प्रतिशत से अधिक सेवाएं प्रदान कर सकता है और शुरुआती चरण में महामारी के प्रकोप का पता लगाने में भी मदद कर सकता है. SARS-CoV-2 वायरस के EG.5 स्ट्रेन को हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा "Variant of interest" के रूप में वर्गीकृत किए जाने पर, घेब्रेयेसस ने कहा कि "सतर्कता को बरकरार रखना बेहद जरूरी है.
घेब्रेयेसस को पसंद आई आयुष्मान भारत योजना घेब्रेयसस पारंपरिक चिकित्सा पर एक वैश्विक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए गुजरात पहुंचे हुए थे और यहां पहुंचने के बाद गांधीनगर जिले के अदराज मोती गांव में एक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (एचडब्ल्यूसी) के दौरे के दौरान मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि “भारत सरकार द्वारा 'आयुष्मान भारत' में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में निवेश सही निवेश है, और हम सभी देशों से वास्तव में इसी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कह रहे हैं. जैसा कि आप जानते हैं, उच्च आय वाले देशों सहित कई देश COVID-19 से आश्चर्यचकित थे.
ऐसी योजनाएं हर देश के लिए जरूरीः टेड्रोस एडनोम घेब्रेयेसस घेब्रेयेसस ने कहा कि समस्या प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में निवेश की कमी के कारण थी. उन्होंने कहा कि 'WHO ने घोषणा के बाद से ही भारत की आयुष्मान भारत पहल का समर्थन किया है क्योंकि उसका मानना है कि देशों को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में निवेश करना चाहिए. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, यह कुछ ऐसा है जो WHO देशों को बताता रहा है और भारत वास्तव में ऐसा कर रहा है". आयुष्मान भारत, केंद्र की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के दृष्टिकोण को प्राप्त करना है.
घेब्रेयसस ने कहा, किसी भी स्वास्थ्य प्रणाली में, "एक मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल महत्वपूर्ण है क्योंकि 80 प्रतिशक से अधिक अधिकांश सेवाएं प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल स्तर पर प्रदान की जा सकती हैं. इतना ही नहीं, "प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में प्रकोप को रोका जा सकता है और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल स्तर पर पहले ही इसका पता लगाया जा सकता है", उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में निवेश सभी देशों के लिए "सही निवेश है", चाहे वे उच्च, मध्यम या निम्न आय वर्ग में हों.
लोग उठा रहे हैं इस योजना की सुविधा का लाभ एचडब्ल्यूसी के दौरे के अपने अनुभव को साझा करते हुए, घेब्रेयेसस ने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि यहां से 40 किलोमीटर दूर बैठे एक मरीज को डॉक्टर द्वारा प्रदान की जाने वाली टेलीमेडिसिन सेवा भी इसमें शामिल है. उन्होंने कहा कि 'मैं वास्तव में खुश हूं कि न केवल यहां प्रदान की जाने वाली सेवाएं, बल्कि मरीज़ों को दूर-दराज के स्थानों की यात्रा करने और परिवहन शुल्क आदि पर खर्च करने के बजाय, दूरस्थ रूप से अतिरिक्त सेवाएं मिल सकती हैं और हमने एक व्यक्ति को इसका लाभ उठाते हुए देखा है.'

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