
पीएम मोदी का दावा, बीआरएस का जवाब... तेलंगाना में बीजेपी के साथ क्यों नहीं जा सकते केसीआर?
AajTak
तेलंगाना में चुनाव हैं और चुनावी साल में सूबे की सियासत गर्म हो गई है. पीएम मोदी ने दावा किया कि केसीआर ने उनसे कहा था कि एनडीए में शामिल होना चाहते हैं. इसे लेकर अब बीआरएस का जवाब भी आ गया है. बीआरएस संसद में कई मौकों पर सरकार के लिए संकटमोचक साबित हुई है. ऐसे में बीआरएस और बीजेपी तेलंगाना में क्यों साथ नहीं आ सकते?
तेलंगाना में कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने हैं और चुनाव से पहले सूबे की सियासत गर्मा गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को निजामाबाद में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री केसीआर का जिक्र करते हुए कहा कि एकबार उन्होंने मुझसे कहा था कि हम भी एनडीए का हिस्सा बनना चाहते हैं. हैदराबाद नगर निगम में हमारा समर्थन करें. मैंने केसीआर से कहा कि मोदी आपके साथ नहीं जुड़ सकते, आपके कर्म ऐसे हैं.
पीएम मोदी के इस बयान के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केसीआर पर हमला बोल दिया. राहुल गांधी ने कहा, "मैंने तो पहले ही कहा था कि बीआरएस का मतलब बीजेपी रिश्तेदार समिति है." मोदी के बयान के बाद सियासी हंगामा बरपा तो अब बीआरएस का भी जवाब आया है. केसीआर के पुत्र और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने पीएम मोदी के बयान को सफेद झूठ बताया है.
ये भी पढ़ें- 'NDA में आना चाहते थे केसीआर, मैंने रोकी एंट्री', निजामाबाद में बोले पीएम मोदी
केटीआर ने पीएम मोदी को फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट लिखने की सलाह देते हुए कहा है कि वह महान स्क्रिप्ट राइटर और स्टोरीटेलर बनेंगे, ऑस्कर भी जीत सकेंगे. उन्होंने बीजेपी को बिगेस्ट झूठा पार्टी बताते हुए ये भी दावा किया है कि 2018 के चुनाव में पार्टी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर के लक्ष्मण के जरिए गठबंधन का प्रस्ताव भेजा था जिसे हमने अगले ही पल अस्वीकार कर दिया था. बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या दिल्ली के अप्रूवल के बिना ऐसा हो सकता है? हम लड़ाकू हैं, धोखेबाज नहीं.
पीएम मोदी के बयान, राहुल गांधी के बीआरएस पर वार और अब केटीआर की सफाई के बीच कई सवाल उठ रहे हैं. सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या तेलंगाना में बीजेपी और बीआरएस साथ आ सकते हैं? संसद में कई अहम मौकों पर बीआरएस के समर्थन ने सरकार का बेड़ा पार किया. ऐसे में बहस इसे लेकर भी शुरू हो गई है कि जब केंद्र में समर्थन से गुरेज नहीं है तो फिर केसीआर तेलंगाना में बीजेपी के साथ क्यों नहीं जा सकते?
वरिष्ठ पत्रकार डॉक्टर श्रीराम त्रिपाठी ने कहा कि समर्थन और गठबंधन लगते एक जैसे हैं लेकिन इनके बीच एक महीन रेखा होती है. गठबंधन प्रतिबद्धता की डोर की तरह है. बीआरएस के केंद्र सरकार को किसी मुद्दे समर्थन कर देने भर से ये नहीं मान लेना चाहिए कि गठबंधन हो जाएगा. बीआरएस जानती है कि बीजेपी के साथ गठबंधन का मतलब होगा उसे खड़े होने के लिए अपनी जमीन देना और मुझे नहीं लगता कि केसीआर ऐसा करेंगे.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में चल रही नकली ब्रांडेड जूतों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खुलासा किया है. यहां नाइकी, एडिडास, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के नकली जूते बनाए जा रहे थे. पुलिस ने यूनिट के मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर भारी मशीनें और हजारों नकली जूतों के पार्ट्स बरामद किए हैं.

राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.










