
पीएम ऋषि सुनक ने दिवाली से पहले की विशेष कार्यक्रम की मेजबानी, हिंदू मेहमानों का किया भव्य स्वागत
AajTak
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने दिवाली से पहले अपने आधिकारिक निवास स्थान डाउनिंग स्ट्रीट में एक कार्यक्रम रखा जहां हिंदू समुदाय के मेहमानों का स्वागत किया गया. इसकी कुछ तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की हैं.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने दिवाली से पहले अपने आधिकारिक निवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट में एक विशेष कार्यक्रम की मेजबानी की. सुनक ने ब्रिटेन तथा दुनियाभर में रहने वाले हिंदू समुदाय को लोगों को शुभकामनाएं दीं. इस खास मौके पर सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ डाउनिंग स्ट्रीट में हिंदू समुदाय के कई लोग शामिल हुए.
पीएम कार्यालय ने की तस्वीरें पोस्ट
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, "आज रात प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अंधेरे पर प्रकाश की जीत के उत्सव दिवाली से पहले डाउनिंग स्ट्रीट में हिंदू समुदाय के मेहमानों का स्वागत किया ." इन तस्वीरों में यूके के पीएम और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति को दीये जलाते हुए दिख रहे हैं और बड़ी संख्या में उनके साथ लोग भी यहां मौजूद हैं.ब्रिटेन के प्रधान मंत्री कार्यालय के पोस्ट में आगे कहा, 'ब्रिटेन और दुनिया भर में सभी को शुभ दिवाली.'
आपको बता दें कि इस साल दिवाली 12 नवंबर को मनाई जाएगी. दिवाली, जिसे रोशनी के त्योहार के रूप में जाना जाता है, हिंदुओं के लिए गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखती है. इसे बहुत उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है. यह त्योहार को अंधरे पर रोशनी की, बुराई पर अच्छाई की और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है.
जब सुनक ने कहा था हिंदू होने पर है गर्व
सुनक पंजाबी मूल से ताल्लुक रखते हैं और साउथेम्प्टन के उस मंदिर में नियमित रूप से जाते हैं जहां उनका जन्म हुआ था. जी20 शिखर सम्मेलन के लिए अपनी हालिया भारत यात्रा के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी के साथ नई दिल्ली के प्रसिद्ध अक्षरधाम मंदिर में प्रार्थना की थी. ऋषि सुनक ने कहा, 'मुझे हिंदू होने पर गर्व है और मेरी परवरिश इसी तरह हुई है. मैं ऐसा ही हूं... मेरी बहन और मेरे चचेरे भाई और हम सबने रक्षाबंधन भी मनाया था. मेरे पास मेरी सभी राखियाँ हैं.'

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.






