
पाकिस्तान में बड़ा बवाल... खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन की तैयारी, रावलपिंडी में जुटे इमरान के हजारों समर्थक
AajTak
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर फैली अफवाहों के बीच हजारों पीटीआई समर्थक रावलपिंडी के आदियाला जेल के बाहर जमा हो गए हैं. PTI समर्थकों के भारी संख्या में रवालपिंडी पहुंचने और प्रदर्शन को रोकने के लिए सुरक्षाबलों ने पूरे रावलपिंडी में धारा 144 लागू की है और खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी है.
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत की अफवाहों के बीच हजारों पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थक रावलपिंडी के आदियाला जेल के बाहर जुड़ गए हैं, जबकि पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने प्रदर्शन को रोकने के लिए पूरे रावलपिंडी में धारा 144 लगा दी है. इसके बावजूद इमरान के समर्थक भारी संख्या में रावलपिंडी पहुंच रहे हैं. वहीं, पाकिस्तानी सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा (केएपी) में राष्ट्रपति शासन (गवर्नर रूल) लगाने की कवायद तेज कर दी है.
पीटीआई के प्रदर्शन को देखते हुए अधिकारियों ने जाति उमरा से अदियाला जेल तक जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों को सील कर दिया है और इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है. साथ ही पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी है.
परिवार ने मांगा सबूत

ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की मौत से ईरान बुरी तरह आहत है. इस हमले में लारिजानी का बेटा भी मारा गया है. ईरान ने अब अमेरिकी और इजरायली हमले के जवाब में कार्रवाई तेज करते हुए कई क्लस्टर बम गिराए है और तेल अवीव में भारी नुकसान पहुंचाया है और अनुमान लगाया जा रहा है कि जंग यहां से अब और भीषण रूप ले लेगी.

ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग का आज 19वां दिन है. लेकिन ये जंग अब थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी है. इस बीच ईरान ने दुबई पर फिर हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है. हमले के बाद दुबई के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी. दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया.

ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.








