
पाकिस्तान की निकली बरेली की 'अंजलि'... जासूसी केस में विदेश मंत्रालय का स्टाफ अरेस्ट
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विदेश मंत्रालय में काम करने वाले एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है. उससे पुलिस और सेंट्रल एजेंसी लगातार पूछताछ कर रही हैं. उसने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिए एक लड़की के संपर्क में आया और उससे वाट्सएप पर बात करता था.
भारतीय विदेश मंत्रालय में कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर काम करने वाले शख्स को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आईबी के इनपुट पर गाजियाबाद पुलिस ने नवीन पाल नाम के शख्स को क्रॉसिंग रिपब्लिक से पकड़ा है. उसने पाकिस्तान के कराची में मौजूद शख्स को भारत की कई खुफिया जानकारी और दस्तावेज भेजे हैं.
गिरफ्तार किए गए नवीन पाल से गाजियाबाद पुलिस और सेंट्रल एजेंसी लगातार पूछताछ कर रही हैं. पूछताछ में उसने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिए एक लड़की के संपर्क में आया और उस लड़की से वाट्सएप पर बात करने लगा. नवीन को उस लड़की ने बताया कि वह बरेली की रहने वाली है, जबकि वह पाकिस्तान के कराची का रहने वाला कोई शख्स था.
दरअसल नवीन को उस लड़की ने अपना नाम अंजलि बताया था. वाट्सएप का वर्चुअली नंबर बरेली का ही था, लेकिन जब एजेंसी ने उस नंबर का आईपी एड्रेस निकाला तो वह कराची का निकला. इस मामले में अलवर की एक महिला भी एजेंसी की रडार पर है. अलवर की एक महिला के पेटीएम से नवीन के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हुए थे.
पुलिस ने इस मामले में दर्ज की एफआईआर
एफआईआर के मुताबिक, गाजियाबाद में काम करने वाले नवीन पाल कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर विदेश मंत्रालय में एमटीएस के तौर पर नौकरी करता है. वह सोशल मीडिया के माध्यम से किसी संदिग्ध महिला के संपर्क में आया था और उसके साथ सामरिक महत्व की सूचनाएं साझा की हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, गोपनीय दस्तावेज जिससे अन्य राष्ट्रों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के प्रभावित होने की आशंका है.
मोबाइल फोन से खुला सीक्रेट

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