
पाकिस्तानः 'मेरा भरोसा आम जनता पर, हत्या के बाद मुझे मिले इंसाफ', समर्थकों से बोले इमरान खान
AajTak
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा मैं पाकिस्तान का इतिहास जानता हूं यहां की न्याय व्यवस्था ताकतवर लोगों को नहीं पकड़ सकती. साथ ही कहा कि अगर मेरी हत्या हो गई तो मुझे इंसाफ मिलना चाहिए.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी हत्या की आशंका जताने के बाद अपने समर्थकों को संबोधित किया. उन्होंने फैसलाबाद में एक रैली की. इस दौरान इमरान खान ने अपने समर्थकों से कहा कि अगर उनकी हत्या हो जाती है तो उन्हें न्याय दिलाया जाए. इसके साथ ही उन्होंने सरकार पर निशाना साधा. इमरान ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बीमार हो चुकी है. क्या वर्तमान में PML-N के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार इसे पटरी पर वापस ला सकती है.
एजेंसी के मुताबिक फैसलाबाद में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा कि मैंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया है. क्योंकि मैं पाकिस्तान के इतिहास को जानता हूं. हमारे देश का अतीत हमें बताया है कि हमारी न्याय प्रणाली शक्तिशाली अपराधियों को नहीं पकड़ सकती है, इसलिए मैं इसे लोगों पर छोड़ देता हूं. मुझे देश की आम जनता पर काफी भरोसा है. अगर मुझे कुछ होता है तो देश को मुझे न्याय दिलाना होगा.
इस दौरान इमरान खान ने कहा कि आपको मुझसे दो वादे करने होंगे. अगर मुझे कुछ होता है, तो मैं वीडियो में जिन लोगों का नाम ले रहा हूं, आपको उनके खिलाफ खड़ा होना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें अदालत तक ले जाएं, ताकि पहली बार ताकतवर लोगों को कानून का सामना करना पड़े.
बता दें कि अविश्वास मत के जरिए सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद इमरान खान लगातार सभाएं कर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने अपनी हत्या की आशंका जताई थई. साथ ही कहा था कि मैं ये भी जानता हूं कि इस साजिश में कौन शामिल है, ये पूरा षड्यंत्र पाकिस्तान और विदेशों में रचा जा रहा है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.









