
पाकिस्तानः कराची पुलिस ने प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं को बेरहमी से पीटा, PTM ने किया ये ऐलान
AajTak
पाकिस्तान के कराची में पुलिस ने प्रदर्शकारी महिलाओं के बेरहमी से पीटा है. कराची की मुजाहिद क़ॉलोनी में महिलाएं अपने हक के लिए प्रदर्शन कर रही थीं. लेकिन पुलिस ने उन पर अत्याचार किया. वहीं पाकिस्तान की पीटीएम पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है.
पाकिस्तान के कराची में पुलिस का बर्बर चेहरा सामने आय़ा है. दरअसल कराची की मुजाहिद क़ॉलोनी में महिलाएं अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही था. इस दौरान पुलिस ने महिलाओं को बेरहमी से पीटा.
जानकारी के मुताबिक मुजाहिद कॉलोनी में ज्यादातर पश्तून समुदाय के लोग रहते हैं. जो कि साल 1952 से रह रहे हैं. लेकिन उन पर घर खाली करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. इसके विरोध में स्थानीय महिलाएं प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हैं. पाकिस्तान की पीटीएम पार्टी के लीडर मंजूर पश्तीन ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया है. इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी महिलाओं पर पुलिस द्वारा अत्याचार किए जाने के विरोध में प्रदर्शन करेगी.
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के लिए आंसूगैस के गोले दागे और लाठियां फटकारीं. इसके साथ ही कुछ प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर हिरासत में ले लिया गया था. पुलिस की एक टुकड़ी ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश की. इस दौरान तीन महिलाएं घायल हो गईं थीं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक लंबे समय से यहां अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चल रहा है. वहीं पुलिस की टीमें प्रदर्शन करने वाले लोगों पर बर्बरता कर रही है.
ये भी देखें

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी फौजी जमावड़े ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है. एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट मोड पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य मदद भेजी है, जिसमें 56 घंटे के भीतर चीन के 16 जहाज ईरान पहुंचे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हुई है.

ईरान की राजधानी तेहरान में होने वाले विरोध प्रदर्शनों ने हालात को काफी गंभीर बना दिया है. जनता और सत्ता पक्ष के बीच भारी तनाव है जबकि अमेरिका भी लगातार दबाव बढ़ा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तगड़ा हमला किया है. वहीं, अरब सागर की ओर अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.








