
पहले हमले की धमकी, अब एयरस्पेस बंद... क्या वेनेजुएला में कुछ बड़ा करने जा रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप?
AajTak
ट्रंप ने यह चेतावनी खासतौर पर ड्रग डीलरों, एयरलाइंस और पायलटों को संबोधित करते हुए जारी की है, जिससे स्पष्ट है कि मादुरो शासन पर अमेरिकी दबाव अब और अधिक तेज हो गया है. हालांकि एयरस्पेस क्यों बंद किया गया है, इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के बीच चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक और कड़ा बयान जारी किया है. उन्होंने वेनेजुएला और उसके आसपास के एयरस्पेस को बंद करने की घोषणा कर दी है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी प्रशासन मादुरो सरकार को अवैध शासन घोषित कर चुका है. इसके बाद से अमेरिका लगातार वेनेजुएला की मादुरो सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए कई नए विकल्पों पर विचार कर रहा है.
ट्रंप द्वारा एयरस्पेस को लेकर दिया गया यह निर्देश साफ संकेत देता है कि अमेरिका वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य, सामरिक या प्रतिबंधात्मक कदमों को सख्त कर सकता है. यही कारण है कि अमेरिका से करीब 5 हजार किलोमीटर दूर स्थित इस देश और आसपास के एयरस्पेस को लेकर ट्रंप ने चेतावनी जारी की गई है.
ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला में अटैक की तैयार कर रहा है? हालांकि एयरस्पेस क्यों बंद किया गया है, इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
ट्रंप ने क्या चेतावनी दी?
ट्रंप ने यह चेतावनी खासतौर पर ड्रग डीलरों, एयरलाइंस और पायलटों को संबोधित करते हुए जारी की है, जिससे स्पष्ट है कि मादुरो शासन पर अमेरिकी दबाव अब और अधिक तेज हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने शनिवार को Truth Social पर पोस्ट करते हुए वेनेजुएला को लेकर अत्यंत सख्त चेतावनी जारी करते हुए लिखा कि सभी एयरलाइन, पायलट, ड्रग तस्कर और मानव तस्कर वेनेजुएला के ऊपर और उसके आसपास के संपूर्ण एयरस्पेस को पूरी तरह बंद समझें.
मादुरो सरकार को लगातार ट्रंप के निशाने पर

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










