
पर्दे के पीछे रहकर 'साइकिल' दौड़ाना..., कौन है मनीष जगन अग्रवाल? जिनको लेकर यूपी में मचा घमासान
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सपा का ट्विटर हैंडल चलाने वाले मनीष जगन अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद से यूपी में सियासी घमासान मचा हुआ है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग चल रही है. अखिलेश यादव लगातार बीजेपी पर हमलावर हैं. वहीं, इस मामले पर बीजेपी भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साध रही है.
यूपी के सियासी गलियारों में इन दिनों सपा का ट्विटर हैंडल चलाने वाले मनीष जगन अग्रवाल की गिरफ्तारी का मामला गरमाया हुआ है. 6 जनवरी को लखनऊ में बीजेपी युवा मोर्चा की सोशल मीडिया इंचार्ज डॉ. ऋचा राजपूत ने समाजवादी पार्टी मीडिया सेल नाम के टि्वटर हैंडल पर रेप और जान से मारने की धमकी दिए जाने पर केस दर्ज करवाया था. इसके बाद लखनऊ की हजरतगंज थाना पुलिस ने अग्रवाल को रविवार सुबह गिरफ्तार किया. इस गिरफ्तारी के साथ ही यूपी में सिसायी बवंडर मच गया. आइए जानते हैं पर्दे के पीछे रहकर सपा की साइकिल दौड़ाने वाले मनीष जगन अग्रवाल के बारे में अहम बातें...
समाजवादी पार्टी से 15 साल से जुड़े हैं अग्रवाल
मनीष जगन अग्रवाल समाजवादी पार्टी से लगभग 15 साल से जुड़े हैं. यूपी चुनाव के दौरान पार्टी कैंपेनिंग में वह लगातार कार्यकर्ताओं से पार्टी के हित में कंटेंट लेते रहे. मनीष कभी भी लाइमलाइट में नहीं रहे हैं क्योंकि उनका यह काम भी नहीं है. उन्हें कहीं भी किसी राजनीतिक रैली में नहीं देखा गया है.
2017 के बाद समाजवादी पार्टी मीडिया सेल का हैंडल बना
सोशल मीडिया के जरिए पार्टी की बात रखने और सरकार को घेरने से मनीष का कद बढ़ा. समाजवादी पार्टी का ट्विटर हैंडल साल 2010 के बाद बना था. वहीं साल 2017 के बाद समाजवादी पार्टी मीडिया सेल का हैंडल बनाया गया. इसको पूरी तरह से मनीष जगन अग्रवाल ही हैंडल करते आए हैं. हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं है कि जो आपत्तिजनक ट्वीट पार्टी हैंडल से किए गए हैं, वो मनीष जगन ने ही किए हैं.
ट्विटर ही नहीं व्हाट्सएप पर भी पार्टी के लिए करते हैं काम

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