
पराली जलाने पर NGT की पंजाब सरकार को फटकार, फैसला सुरक्षित रखा
AajTak
NGT ने कहा कि जब हम मरने लगेंगे तब दवा देंगे कि शायद बच जाएगा वरना मरना तो है ही. ग्रेप 3 पॉल्युशन के लेवल को पहले कंट्रोल करिए, आपके पास सबसे ज़्यादा शक्तियां है ऐसी किसी और को नहीं दी गई हैं. एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमेटी ने कहा कि हम लगातार मोनिटरिंग करते हैं.
दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत में जहरीली हुई हवा और पंजाब में पराली जलाने की रोकथाम और नियंत्रण के मामले में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण NGT ने पंजाब सरकार की दलीलें सुनी, फटकार लगाई और सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया. NGT को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में जानकारी दी गई तो प्राधिकरण ने पंजाब सरकार से पूछा कि पराली रोकने के SC के फैसले पर आपने क्या कदम उठाया, क्या आप SC के आदेश का पालन कर रहे हैं, आदेश पर अमल किया गया या नहीं.
पंजाब सरकार ने कहा कि कई कदम उठाया गया है, अधिकारयों को निर्देश दिए गए हैं. NGT ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अधिकरियों की नियुक्ति या निर्देश देने का आदेश नहीं दिया है. NGT ने कहा कि कदम तो बहुत दिन से उठा रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट ने कल आदेश पारित किया आज क्या स्थिति है बताइए. NGT ने कहा कि हम पराली जलाने की घटना को लेकर चिंतित है, हमारे पास सैटलाइट तस्वीर है. पूरा इलाका रेड ज़ोन में बना हुआ है, यह हाल सुप्रीम कोर्ट के कल के आदेश के बाद का है.
NGT ने कहा कि आप सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी कुछ नहीं कर रहे हैं. NGT ने कहा कि हर मिनट बहुत कीमती है, क्योंकि हम हर पल सांस ले रहे हैं. NGT ने कहा कि अगर आपकी नियत होगी तो आप इसको रोकेंगे. पंजाब सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए कल गुरुवार तक का समय मांगा. NGT ने कहा कि क्या कल हालात आज से बेहतर होंगे??
NGT ने लगातार पराली जलाने की घटना पर पंजाब सरकार को सख्त फटकार लगाते हुए कहा कि हमारे पास इसरो के सैटलाइट इमेज हैं. आपके साथ यही समस्या है कि आपको कुछ नहीं पता है. जब तक आपको ज़मीन के मालिक के बारे में जानकारी नहीं होगी तक आप एक्शन कैसे लेंगे?
पंजाब के सेक्रेटरी ने कहा कि सरकार ने दिशा निर्देश जारी किए हैं. सभी पुलिस थानों के SHO को निर्देश जारी कर दिया गया है. निगरानी और कार्यबल टीमें ज़मीन पर उतार दी गई हैं. कल मंगलवार से पराली जलाने पर 13 FIR दर्ज की गई हैं.
NGT ने कहा कि आपने सिर्फ 13 FIR दर्ज की हैं! आप सैटलाइट तस्वीर देख रहे हैं? क्या हालात हैं? हज़ार से ज़्यादा जगहों पर पराली जलाई जा रही है. और एफआईआर सिर्फ तेरह?

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









