
परंपरा के जाल में फंसे... कैसे इंडियन मैरिज सिस्टम राजा रघुवंशी की मौत की वजह बन गया?
AajTak
इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी की हत्या कथित तौर पर उसकी पत्नी सोनम ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कर दी. यह घटना भारत में मैरिज सिस्टम के अंधेरे पहलू को उजागर करती है. यह कहानी सिर्फ धोखे की नहीं है, यह इस बात की भी याद दिलाती है कि कैसे भारत में पारिवारिक शान, जाति और परंपरा किसी की व्यक्तिगत पसंद पर हावी हो जाती है, जिसके नतीजे विनाशकारी हो सकते हैं.
सरल समस्याओं के सरल समाधान होते हैं. कोई व्यक्ति पसंद नहीं है? दूर चले जाओ. शादी के लिए तैयार नहीं हैं? मना कर दो, या टाल दो. लेकिन भारत में ऐसे सरल समाधान भी सामाजिक ताने-बाने और सांस्कृतिक परंपराओं की वजह से कठिन हो जाते हैं, जो अक्सर हादसे और धोखे की वजह बनते हैं.
राजा रघुवंशी की हत्या किसने की? उनकी पत्नी सोनम ने की? हां, अगर प्रेमी राज के साथ मिलीभगत की खबरें सच हैं. क्या उसे ऐसा करना था? जाहिर है नहीं, वह शादी से मना कर सकती थी. अगर मजबूर भी किया जाता, तो वह शादी से पहले भाग सकती थी, जैसा कि उसने आखिरकार किया, बिना खून-खराबे के. शायद उसके मन में अपने माता-पिता के प्रति गहरा गुस्सा था, जिन्होंने उसकी इच्छा से ज़्यादा परिवार की शान को प्राथमिकता दी और सोनम ने उन्हें सजा देने की ठान ली.
सोनम ने कायरता को चुना
दुर्भाग्य से राजा कथित धोखेबाज परिवार का शिकार बन गया, जिसने अपनी झूठी शान को बनाए रखने के लिए उसे सुविधानुसार शादी के जाल में फंसाया. कानून और नैतिकता के सामने साहस दिखाने के बजाय अपने माता-पिता के सामने कायरता को चुनने वाली सोनम का हश्र बुरा हुआ. एक बदकिस्मत, बेकसूर व्यक्ति की मौत सिर्फ़ इसलिए हुई क्योंकि उसने एक महिला पर भरोसा किया था. अगर महिला दोषी साबित होती है, तो उसका जीवन नरक में बदल जाएगा. अगर उसके परिवार ने उसकी इच्छा से ज्यादा अपने अहंकार को महत्व दिया, तो उनकी बेटी की दुर्दशा उनके कर्मों की सज़ा है.
ये भी पढ़ें: सोनम का डेंजरस इश्क, साजिश को प्यार समझता रहा राजा... जो-जो सोनम कहती गई चुपचाप करता गया
लेकिन इंडियन मैरिज सिस्टम में एक और गहरी खामी है. सोनम और उसका परिवार इसके लक्षण हैं और राजा इसका शिकार है. आदर्श स्थिति में शादी दो व्यक्तियों के बीच एक साझेदारी होनी चाहिए जो आपसी प्यार, साझा मूल्यों और व्यक्तिगत आकांक्षाओं के आधार पर एक-दूसरे को अपनी आजादी से चुनते हैं. फिर भी भारत में, यह शायद ही कभी व्यक्तिगत पसंद होती है. भारतीय विवाह अक्सर परिवारों के बीच एक समझौता होता है, जिसका सम्मान व्यक्तियों से अकेले करने की अपेक्षा की जाती है, क्योंकि परिवार सात फेरों के बाद जिम्मेदारी छोड़ देते हैं.

दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके से एक दुखद और गंभीर खबर आई है जहां एक 11 साल के बच्चे की हत्या हुई है. बच्चे की आंख और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं. जानकारी के अनुसार, पिता ने ही अपने पुत्र की हत्या की है और उसने घटना के बाद एक वीडियो बनाकर अपने परिवार को भेजा. इस घटना के बाद आरोपी फरार है और इस मामले की जांच जारी है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के PRO ने दावा करते हुए कहा कि प्रयागराज प्रशासन के बड़े अधिकारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सम्मान पूर्वक दोबारा स्नान कराने की कोशिश की है. जिसके बाद स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद की तरफ से प्रशासन के लिखित में माफी मांगने, मारपीट करने वालो पर कार्रवाई और चारों शंकराचार्य के स्नान की मांग की गई.

दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ आंदोलन तेज़ी से जारी है. 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए हैं. यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ किया जा रहा है. मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को रोजगार देने वाली इस योजना में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है.

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते ने क्षेत्रीय आर्थिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला दिया है. इस ऐतिहासिक डील से पाकिस्तान को निर्यात के क्षेत्र में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस डील से पैदा हुए संभावित नकारात्मक प्रभाव से निपटने के लिए यूरोपीय अधिकारियों से संपर्क किया है. यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा.

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मियां मुसलमानों को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर राज्य के मियां मुसलमानों को परेशान करना हो तो वह रात दो बजे तक जाकर भी परेशान कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मियां मुसलमानों को पांच रुपए देने की बजाय चार रुपए देने की बात कह कर विवादों को जन्म दिया है. इसपर पर अब विपक्ष हमलावर है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.






