
पंजाब में आतंकियों की बड़ी साजिश! ISI ने बनाया 'लश्कर-ए-खालसा' गुट
AajTak
इस आतंकी गुट में शामिल लोगों को अफगान लड़ाकू द्वारा ट्रेनिंग दी जा रही है. अफगान आतंकियों को भी लश्कर-ए-खालसा में शामिल किया गया है. देखा गया है कि अफगान आतंकियों को आरपीजी (RPG) समेत सभी आधुनिक हथियार चलाने का अनुभव होता है.
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने पंजाब में आतंकवादी घटनाओं के लिए एक नए नाम से आतंकी गुट बनाया है. जानकारी के मुताबिक नए आतंकी गुट का नाम 'लश्कर-ए-खालसा' रखा गया है.
इस आतंकी गुट में शामिल लोगों को अफगान लड़ाकू द्वारा ट्रेनिंग दी जा रही है. अफगान आतंकियों को भी लश्कर-ए-खालसा में शामिल किया गया है. देखा गया है कि अफगान आतंकियों को आरपीजी (RPG) समेत सभी आधुनिक हथियार चलाने का अनुभव होता है.
बताया जा रहा है कि इस ग्रुप के जरिए जम्मू कश्मीर में भी हमले कराने की साजिश रची जा रही है. वहीं खबर है कि इस आतंकी गुट में पंजाब-हरियाणा के स्थानीय गैंगस्टर और अपराधियों को भी शामिल किए जाने की कोशिश चल रही है. जिसमें ड्रग्स के जरिए होने वाली कमाई का लालच देकर उन्हें शामिल करने की साजिश की जा रही है. वहीं सूत्रों की मानें तो मोहाली घटना को लेकर पंजाब में ISI की K-2 (Kashmir-khalistan ) डेस्क पर भी शक जताया जा रहा है. माना जा रहा है कि पिछले काफी वक्त से पंजाब में K2 डेस्क ने कई आतंकी वारदातों को अंजाम दिलवाया है. K-2 डेस्क को लेकर सेंट्रल एजेंसियों के साथ दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल भी खुलासा कर चुकी है. इसके अलावा NIA ने हाल ही में पंजाब में हो रही टारगेट किलिंग पर जांच के बाद चार्जशीट अदालत में दाखिल करके इस बात का खुलासा किया था.मोहाली में इंटेलिजेंस बिल्डिंग में धमाका पंजाब के मोहाली में सोमवार देर शाम पुलिस इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर की बिल्डिंग में ब्लास्ट हुआ. इस घटना को लेकर अब चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं. सूत्रों का कहना है कि एक कार से दो संदिग्ध लोग आते देखे गए थे. जिन्होंने करीब 80 मीटर दूर से रॉकेट से ग्रेनेड (rocket-propelled grenade) को दागा था. इस धमाके के बाद से पंजाब हाई अलर्ट पर है. जिस बिल्डिंग में धमाका हुआ उसके आसपास पुलिस की भारी तैनाती कर दी गई है. इंटेलिजेंस ब्यूरो की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया है. हालांकि पंजाब पुलिस ने इसकी आतंकी घटना के तौर पर पुष्टि नहीं की. पुलिस का कहना है कि यह छोटा धमाका था.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










