
नैनीताल में क्लोरीन गैस लीक से हड़कंप, तीन अस्पताल में भर्ती, सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए 100 लोग
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अफसरों के मुताबिक, क्लोरीन एक जहरीली गैस है जो सांस लेने में कठिनाई, उल्टी और मतली का कारण बनती है. नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि 50 किलोग्राम के क्लोरीन गैस सिलेंडर से लीक होने के कारण आस-पास के 25-30 घरों में रहने वाले 100 लोगों को वहां से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया.
उत्तराखंड के नैनीताल में सुखताल पंप हाउस के पास गुरुवार को एक सिलेंडर से क्लोरीन गैस लीक होने के बाद तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है. राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), पुलिस, प्रशासन और डॉक्टरों की एक टीम मौके पर पहुंची और लोगों को उनके घरों से बाहर निकालना शुरू किया. अधिकारियों ने बताया कि क्लोरीन गैस जल संस्थान में रखे एक सिलेंडर से लीक हुई थी.
अफसरों के मुताबिक, क्लोरीन एक जहरीली गैस है जो सांस लेने में कठिनाई, उल्टी और मतली का कारण बनती है. नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि 50 किलोग्राम के क्लोरीन गैस सिलेंडर से लीक होने के कारण आस-पास के 25-30 घरों में रहने वाले 100 लोगों को वहां से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. उन्होंने कहा कि गैस रिसाव के कारण उल्टी की शिकायत के चलते तीन लोगों को बीडी पांडे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
प्रभावित निवासियों ने बताया कि दोपहर से ही लोग दुर्गंध की शिकायत कर रहे थे और शाम होते-होते यह असहनीय हो गई, जिसके बाद अधिकारियों को सूचित किया गया. जल संस्थान के एक अधिकारी ने बताया कि देर शाम 8 बजे क्लोरीन गैस सिलेंडर को सुखाताल झील के नीचे दफना दिया गया, जिससे स्थिति पर काबू पा लिया गया है. जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रमेश गर्ब्याल ने कहा कि अब सिलेंडर से गैस रिसाव का कोई खतरा नहीं है. सिलेंडर को पंप हाउस में पानी को फिल्टर करने के लिए रखा गया था, उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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