
नीतीश कुमार और BJP एक बार फिर आएंगे साथ? जानिए वह 5 घटनाएं जब नीतीश ने बीजेपी को लेकर नरम होने के दिए संकेत
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जब से खबर उड़ी है कि राजद के कुछ नेता बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तेजस्वी यादव को सत्ता हस्तांतरित करने के लिए दबाव बना रहे हैं. तब से चर्चाओं का बाजार गर्म है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से यू-टर्न लेकर बीजेपी के साथ हाथ मिला सकते हैं. आइए जानते हैं कि इसके संकेत कैसे मिले?
पिछले कुछ दिनों से बिहार के राजनीतिक हलकों में अटकलों का बाजार गर्म है कि जदयू और राजद के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. खासकर तब से जब से राजद के कुछ नेता बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तेजस्वी यादव को सत्ता हस्तांतरित करने के लिए दबाव बना रहे हैं. ऐसे में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से यू-टर्न लेकर बीजेपी के साथ हाथ मिला सकते हैं.
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले 10 दिनों में ऐसे कम से कम 5 महीने के सामने देखने को मिले हैं जब नीतीश कुमार ने यह संकेत दिया है कि बीजेपी के साथ उनकी बातचीत शुरू हो चुकी है.
बिहार के राज्यपाल की नियुक्ति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नीतीश कुमार को फोन कर बिहार के नए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की नियुक्ति की जानकारी दी.
गलवान शहीद के पिता के साथ मारपीट और जेल
गलवान में शहीद हुए जय किशोर सिंह के पिता को सरकारी जमीन पर स्मारक बनाने के मुद्दे पर बिहार पुलिस द्वारा पिटाई, अपमानित और जेल में डाले जाने के मुद्दे पर नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से अलग राय रखी. जबकि तेजस्वी ने स्पष्ट कहा कि पुलिस और स्थानीय अधिकारियों ने शहीद के पिता के साथ जो भी कार्रवाई की थी वह सही थी, वहीं दूसरी तरफ सीएम नीतीश कुमार ने मामले की जांच के आदेश दिए और कहा कि यह जांच की जानी चाहिए कि शहीद के पिता को परेशान क्यों किया गया? नीतीश के जांच के आदेश के एक दिन बाद कोर्ट ने शहीद के पिता को जमानत दे दी.

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