
नागपुर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल होगा BJP का इतिहास, राम जन्म भूमि आंदोलन भी पढ़ाया जाएगा
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नागपुर के राष्ट्रीय संत तुकडोजी महाराज यूनिवर्सिटी में कांग्रेस के साथ-साथ जनसंघ पढ़ाया जाता था ,लेकिन नए पाठ्यक्रम के तहत भारतीय जनता पार्टी, राम जन्मभूमि आंदोलन का इतिहास भी अब छात्र पढेंगे.
नागपुर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी का इतिहास शामिल किया जा रहा है. साथ ही साथ राम जन्म भूमि आंदोलन को भी पढ़ाया जाएगा. इसके अलावा कम्युनिस्ट पार्टी के इतिहास को नेशनल पार्टी से हटाकर दूसरे अभ्यासक्रम रीजनल पार्टी के इतिहास में शामिल किया गया है. कांग्रेस ने इस निर्णय का कटाक्ष करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी का इतिहास न पढ़ने लायक, ना लिखने लायक है. वहीं, बीजेपी का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के इतिहास में राष्ट्र प्रथम है. कांग्रेस जैसा बीजेपी का इतिहास नहीं है.
नागपुर विश्वविद्यालय जिसे राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज यूनिवर्सिटी के नाम से जाना जाता है, इसके MA के चौथे सेमेस्टर में छात्र भारतीय जनता पार्टी का इतिहास पढ़ेंगे एवं राम जन्मभूमि आंदोलन का पाठ पढ़ेंगे. जल्द ही इसका समावेश कर लिया जाएगा एवं दिवाली के बाद से शुरू होने वाले सत्र में पढ़ने वाले विद्यार्थी भारतीय जनता पार्टी का इतिहास पढ़ेंगे. राष्ट्र संत तुकडोजी महाराज यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग के अभ्यास मंडल में इसे मान्य कर लिया गया है.
नागपुर के राष्ट्रीय संत तुकडोजी महाराज यूनिवर्सिटी में कांग्रेस के साथ-साथ जनसंघ पढ़ाया जाता था ,लेकिन नए पाठ्यक्रम के तहत भारतीय जनता पार्टी, राम जन्मभूमि आंदोलन का इतिहास भी अब छात्र पढेंगे. नागपुर यूनिवर्सिटी के अभ्यास मंडल कमेटी ने कम्युनिस्ट पार्टी के इतिहास में बदलाव करते हुए उसे राष्ट्रीय पार्टी के जगह से हटाकर उसे रीजनल पार्टियों के इतिहास में शामिल किया है. कम्युनिस्ट पार्टी का इतिहास अब राष्ट्रीय पार्टी के इतिहास में नागपुर विश्वविद्यालय में नहीं पढ़ाया जाएगा. गौरतलब है कि 2019 में BA के पाठ्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पाठ्यक्रम शामिल किया गया था.
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को लेकर पाठ्यक्रम में बदलाव किया जा रहे हैं. MA इतिहास के 4th सेमेस्टर में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं. नेशनल पार्टी को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है. 1948 से लेकर 2010 तक सभी पॉलिटिकल पार्टी का अभ्यास क्रम में शामिल होना स्वाभाविक था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के इतिहास का कहीं पर भी जिक्र नहीं किया गया था. कांग्रेस के साथ-साथ, जनसंघ का इतिहास जोड़ा गया था, लेकिन देखा गया कि भारतीय जनता पार्टी का इतिहास नहीं है ,इसलिए इस साल से भारतीय जनता पार्टी के कार्य और कार्य विस्तार इस वर्ष से पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है.
जनसंघ के बाद भारतीय जनता पार्टी का कार्य किस तरीके का है, किस तरीके से पार्टी बनी, किस तरीके से उसने स्थिर सरकार दिया, इन तमाम बातों का उसमें जिक्र रहेगा, जो इतिहास का जिक्र किया जाएगा उसमें अटल जी की 13 महीने की सरकार, स्थिर सरकार, ये तमाम बातें स्वाभाविक रूप से आएंगी. इस अभ्यासक्रम को ऑप्शनल के रूप में रखा गया है, छात्र चॉइस के रूप में इसे ले सकते हैं.
कम्युनिस्ट पार्टी को नेशनल पार्टी से हटाकर, दूसरी पार्टी की जगह, दूसरे अभ्यासक्रम में रखा गया है ,कम्युनिस्ट पार्टी का अभ्यासक्रम अब तक नेशनल पार्टी में विद्यार्थी पढ़ते थे, लेकिन अब उसे रीजनल पार्टी के अलग से अभ्यासक्रम में रखा गया है. 1980 से 2000 तक जो भी आंदोलन हुए हैं, उसे विषय को समावेश करने का निर्णय लिया गया है. उस दौरान राम जन्मभूमि आंदोलन भी आता है इंडियन माँस मूवमेंट टॉपिक के तहत राम जन्मभूमि आंदोलन को भी रखा गया है. क्योंकि 1980 से 2000 के बीच में बहुत बड़ा जन आंदोलन भारत में उभर कर खड़ा हुआ था.

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