
नागपुर में पकड़ी गई 25 लाख की फेक करेंसी... नोटों पर लिखा था- चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया, 1 लाख लेकर देते थे 4 लाख
AajTak
महाराष्ट्र के नागपुर में नकली नोट बेचने वाला गिरोह पकड़ा गया है. ये गिरोह 1 लाख रुपये के असली नोटों के बदले 4 लाख के नकली नोट देता था. नागपुर पुलिस ने गिरोह के पास से 25 लाख के नकली नोट जब्त किए हैं, साथ ही 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. ये लोग सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाते थे.
महाराष्ट्र के नागपुर (Nagpur) में पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो असली नोटों के बदले नकली नोट (Fake currency) देता था. ठगों का ये पूरा गिरोह हाईटेक तरीके से काम करता था और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क कर उन्हें फंसाता था. ये रैकेट लोगों को जल्द अमीर बनने का लालच देकर ठग लेता था. फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
दरअसल, नागपुर के रहने वाले राहुल वासुदेव ठाकुर सोशल मीडिया के माध्यम से इस गिरोह के संपर्क में आ गए थे. रैकेट के लोगों ने वॉट्सएप कॉल करके 1 लाख के असली नोटों के बदले 4 लाख के नोट देने का वादा किया. इसके लिए ठगों ने खुद के पास नोट छापने की मशीन का हवाला भी दिया. राहुल को इस मामले में संदेह हुआ तो उन्होंने नागपुर पुलिस से संपर्क किया.
यह भी पढ़ें: Lucknow Fake Currency Case: NIA की विशेष अदालत ने नकली नोट बरामदगी मामले में 2 आरोपियों को सजा सुनाई
इसके बाद रैकेट के लोगों द्वारा बताए गए नागपुर के सीताबर्डी इलाके में मिलना तय हुआ. जब राहुल 80 हजार रुपए लेकर मौके पर पहुंचा तो गिरोह के लोग उस पर टूट पड़े और लूटने लगे. वहीं मौके पर जाल बिछाकर पहले से मौजूद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने सतीश ध्यानदेव गायकवाड़ , गौतम राजू भलावी, शुभम सहदेव प्रधान और मोनू उर्फ शब्बीर बरकत शेख को गिरफ्तार कर लिया.
नोटों के 44 बंडल, सभी में आगे और पीछे लगा था असली नोट

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.







