
नर्स के साथ दरिंदगी, धरने-प्रदर्शन और SIT की जांच... नई CCTV फुटेज से उलझा उत्तराखंड की निर्भया का मामला
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मृतक नर्स का एक सीसीटीवी वीडियो सामने आया है. जिसमें वो 30 जुलाई यानी कि वारदात के दिन एक ऑटो से उतरकर जाती हुई दिख रही है. तभी दो लोग उसके पास आते हुए दिखते हैं. वो नर्स से बातचीत करते हैं और अचानक नर्स नीचे बैठकर उनके पैर पकड़ने लगती है.
Uttarakhand Nurse Rape Murder Case: कोलकाता में जूनियर डॉक्टर के रेप और मर्डर की वारदात के साथ ही उत्तराखंड के रुद्रपुर का मामला भी सुर्खियों में बना हुआ है. जहां एक नर्स के साथ रेप और हत्या के मामले में रोज धरना प्रदर्शन हो रहे हैं. कोलकाता की तरह इस मामले में भी पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार करने के बाद अपना काम पूरा कर लिया था. लेकिन जब परिजनों और हजारों लोगों की भीड़ सड़कों पर उतर आई और सीबीआई जांच की मांग करने लगी तो इस मामले में एसएसपी ने जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया. अब इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है. हालांकि परिजन अभी भी अपनी मांग पर कायम हैं.
नई CCTV फुटेज से चौंकानेवाला खुलासा इसी दौरान मृतक नर्स का एक सीसीटीवी वीडियो सामने आया है. जिसमें वो 30 जुलाई यानी कि वारदात के दिन एक ऑटो से उतरकर जाती हुई दिख रही है. तभी दो लोग उसके पास आते हुए दिखते हैं. वो नर्स से बातचीत करते हैं और अचानक नर्स नीचे बैठकर उनके पैर पकड़ती है. ऐसा लग रहा है, जैसे वो उनकी मिन्नतें कर रही हो. इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले की गुत्थी और उलझती जा रही है. क्योंकि पुलिस ने धर्मेंद्र नाम के एक शख्स को इस मामले में गिरफ्तार कर कहा था कि उसी ने नर्स के साथ दरिंदगी करने के बाद उसका कत्ल कर दिया था. लेकिन नए वीडियो में दो लोग नर्स से बात करते नजर आ रहे हैं. हालांकि रात का वक्त होने की वजह से फुटेज साफ नहीं है और जिस जगह से ये वीडियो सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ, वो भी काफी दूरी पर लगा था. आपको बता दें कि इस मामले में शुरू से ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे थे.
30 जुलाई को लापता हो गई थी नर्स रुद्रपुर की नर्स के साथ रेप और हत्या के इस सनसनीखेज मामले से पूरे राज्य में लोगों को गुस्सा भड़क गया था. तीस साल की वो नर्स उत्तराखंड के रुद्रपुर में मौजूद एक निजी अस्पताल काम करती थी. 12 साल पहले उसकी शादी हुई थी. लेकिन बाद में उसका तलाक हो गया था. वो रोज अपने तय वक्त पर अस्पताल जाती थी और वापस घर आती थी. 30 जुलाई को भी वो अपने घर से समय पर निकली थी. लेकिन शाम हो जाने के बाद भी वो घर नहीं लौटी. उसका फोन भी नहीं लग रहा था. घरवालों ने अस्पताल और उसके जान पहचान वालों को कॉल किए. उनसे उसके बारे में पूछा. लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला. रातभर उसके परिजन उसे तलाश करते रहे. लेकिन वो नहीं मिली.
नर्स की बहन ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी 31 जुलाई को की नर्स तस्लीम की बहन परिजनों के साथ रुद्रपुर कोतवाली पहुंची और उसने वहां अपनी बहन की गुमशुदगी दर्ज कराई. अब घरवालों के साथ-साथ पुलिसवाले भी नर्स की तलाश में जुट गए और मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस ने अस्पताल और उसके जान पहचान वाले तमाम लोगों और रिश्तेदारों से उसके बारे में पूछताछ की. लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा. इस दौरान घरवालों को किसी अनहोनी की आशंका भी सताने लगी थी.
8 अगस्त को बरामद हुई थी लाश उत्तराखंड पुलिस उधम सिंह नगर जिले में नर्स की तलाश कर ही रही थी कि 8 अगस्त को यूपी के रामपुर जिले की बिलासपुर थाना पुलिस को डिबडिबा के पास झाड़ियों में एक कंकाल बन चुकी लाश मिली. वसुंधरा एनक्लेव रोड पर ये लाश जिस हाल में मिली थी, उसकी पहचान करना थोड़ा मुश्किल था. क्योंकि उसका चेहरा पूरी तरह से खत्म हो चुकी थी. खोपड़ी साफ नजर आ रही थी.
आईडी कार्ड के सहारे हुई थी शिनाख्त हैरानी की बात ये थी कि पूरी लाश कंकाल बन चुकी थी, लेकिन उसके हाथ और पैर सही दिख रहे थे. पुलिस ने जब वहां आस-पास छानबीन की और तलाशी ली तो वहां से एक महिला का आईडी कार्ड पुलिस को मिला. वो आईडी कार्ड उस नर्स का ही था, जो फुटेला अस्पताल की नर्स थी. इसके बाद बिलासपुर थाना पुलिस ने उस लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो खुलासा हुआ कि वो लाश एक महिला की थी. जिसके साथ पहले बलात्कार किया गया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई थी. अब यूपी पुलिस ने आईडी कार्ड के आधार पर फुटेला अस्पताल से संपर्क किया. और उन्हें एक महिला की लाश मिलने की जानकारी दी.

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