
नई वैक्सीनेशन नीति से राज्य GST टेंशन से मुक्त, प्राइवेट अस्पतालों को लेकर काउंसिल करेगी फैसला
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कोविड वैक्सीन पर लग रहे 5 फीसदी जीएसटी के लिए काउंसिल में एक मत नहीं था, क्योंकि कई विपक्षी दलों की सरकारें वैक्सीन को टैक्स फ्री करना चाहती थीं. लेकिन अब जब पीएम मोदी ने वैक्सीनेशन का प्रमुख हिस्सेदार केंद्र को घोषित किया है, ऐसे में राज्यों पर से टैक्स की जिम्मेदारी हट गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैक्सीनेशन की नई नीति का ऐलान किया गया और इसी के साथ अब जीएसटी काउंसिल में जारी संघर्ष पर भी कुछ हदतक ब्रेक लग गया है. कोविड वैक्सीन पर लग रहे 5 फीसदी जीएसटी के लिए काउंसिल में एक मत नहीं था, क्योंकि कई विपक्षी दलों की सरकारें वैक्सीन को टैक्स फ्री करना चाहती थीं. लेकिन अब जब पीएम मोदी ने वैक्सीनेशन का प्रमुख हिस्सेदार केंद्र को घोषित किया है, ऐसे में राज्यों पर से टैक्स की जिम्मेदारी हट गई है. क्योंकि अब 75 फीसदी वैक्सीन केंद्र खरीदेगा, इसपर उसे ही टैक्स देना होगा और इसके अलावा जो कलेक्शन होगा वो राज्यों के साथ बंटेगा. हालांकि, प्राइवेट अस्पतालों के 25 फीसदी हिस्से पर जीएसटी का फैसला लेने का अधिकार काउंसिल के पास रहेगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों की मानें, तो मौजूदा वक्त में पांच फीसदी जीएसटी लग रहा है, जो प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन पर 30 से 47 रुपये तक का बोझ डालता है. यानी आम आदमी अगर प्राइवेट अस्पताल में वैक्सीन लगवाएगा तो ये दाम उसमें लागू होगा. 28 मई को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कई राज्यों द्वारा वैक्सीन और कोविड से संबंधित अन्य सामान पर जीएसटी को लेकर आपत्ति जताई गई, बाद में 8 राज्यों के वित्त मंत्रियों की एक कमेटी बनाई गई जो इस मसले को सुलझा सके. इसकी रिपोर्ट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दी गई थी. इसके कुछ वक्त बाद ही पीएम मोदी ने वैक्सीनेशन की नीति का ऐलान कर दिया, ऐसे में वैक्सीन के मसले पर राज्यों की चिंता कुछ हदतक कम हुई है. हालांकि, कोविड से संबंधित अन्य सामग्री पर जीएसटी काउंसिल में फैसला लिया जाएगा.
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