
नंबर 3 की गुत्थी कब सुलझेगी? करुण नायर के बाद साई सुदर्शन भी फ्लॉप...क्या प्रेशर नहीं हो रहा हैंडल
AajTak
टीम इंडिया के लिए नंबर 3 की गुत्थी नहीं सुलझ पा रही है, वेस्टइंडीज के खिलाफ अहमदाबाद टेस्ट के दौरान भी यह चीज नजर आई. कभी इस नंबर पर राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा ने खेलकर अपनी पहचान बनाई थी.
टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के लिए नंबर-3 की पोजीशन अब भी एक बड़ा चैलेंज बना हुआ है. करुण नायर के इंग्लैंड दौरे में प्रदर्शन के बाद अब विंडीज के खिलाफ साई सुदर्शन भी अहमदाबाद टेस्ट की पहली पारी में उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं. इस बैटिंग पोजीशन पर लगातार फ्लॉप प्रदर्शन ने सेलेक्टर्स के माथे पर सवालिया निशान लगा दिए हैं.
क्या इस प्रेशर का असर बैटर्स की मानसिक मजबूती पर पड़ रहा है, या फिर टीम इंडिया को इस समस्या का स्थायी समाधान खोजना होगा? क्योंकि कभी इसी पोजीशन पर खेलकर राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा ने अपनी अलग पहचान बनाई थी.
वेस्टइंडीज के खिलाफ अहमदाबाद टेस्ट में साई सुदर्शन नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने आए. लेकिन वो महज 7 रन बनाकर रोस्टन चेज की गेंद पर LBW हो गए. इससे टीम इंडिया के नंबर प्रदर्शन पर एक बार फिर सवालिया निशान उठने लगे
करुण नायर और साई सुदर्शन भारतीय टीम के इंग्लैंड सीरीज में ऐसे बैटर रहे, जो नंबर 3 पर ट्राय किए गए. दोनों का नंबर 3 पर बतौर बल्लेबाजी करते हुए उस सीरीज में कैसा रिकॉर्ड रहा, तो वो समझ लीजिए... क्योंकि दोनों को मौके तो मिले, लेकिन करुण तो इस मौके को नहीं भुना पाए और टीम से बाहर हो गए .
Sai Sudharsan needs to realize one thing,he won't get many chances at no3. 147 runs in 7 innings at 21 avg isn't enough. Others are waiting with good domestic performances. If he can't turn talent into numbers, it will be tough for him to hold that spot. pic.twitter.com/wrdoCvMng6
सुदर्शन इंग्लैंड सीरीज में तीन मैचों में 3 नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे और 140 रन बनाए. जहां 6 पारियों में उनका एवरेज 23.33 रहा, जिसमें 61 रन की पारी भी शामिल रही.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 23वां दिन है. अब ये जंग परमाणु प्लांट पर हमलों तक पहुंच गई है. एक दिन पहले इजरायल ने नतांज में ईरान के न्यूक्लियर प्लांट को टारगेट किया, जिसके जवाब में ईरान ने डिमोना और अराद शहरों पर भीषण हमला कर दिया. ईरान के ये हमले युद्ध को और भीषण बना सकते हैं क्योंकि अब इजरायल तेहरान में लगातार कई ठिकानों को निशाना बना रहा है. नेतन्याहू ने इस समय को इजरायल के अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का एक चुनौतीपूर्ण पड़ाव बताया है. वहीं ईरान दावा कर रहा है कि डिमोना और अराद पर हमले के बाद युद्ध का पूरा समीकरण बदल गया है.

विश्व जल दिवस पर 'जल है तो कल है' जैसे नारे सुनने में तो अच्छे लगते हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत आज भी बहुत कड़वी है. सरकारी कागजों में 'हर घर जल' के बड़े-बड़े दावे तो दिखते हैं, पर असलियत में आज भी लोगों को प्यास बुझाने के लिए दूर-दूर तक पैदल चलना पड़ रहा है. कई परिवारों को तो पानी के लिए खुद कुएं तक खोदने पड़ रहे हैं. जब तक पानी के लिए यह जानलेवा संघर्ष और लंबी कतारें खत्म नहीं होतीं, तब तक ये जल दिवस सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख बनकर ही रह जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक नया दिलचस्प रिकॉर्ड और जुड़ गया है. पहले गुजरात के सीेम के रूप में और अब प्रधानमंत्री का पद संभालते हुए अपने 8 हजार 931 दिन पूरे करते हुए नया रिकर्ड बना लिया है. इस उपलब्धि के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने पीएम मोदी को बधाई दी.










