
धोखा देकर दूसरी लड़की से शादी कर रहे एक्स बॉयफ्रेंड पर महिला ने किया एसिड अटैक
AajTak
आंध्र प्रदेश के नंदलूर में एसिड अटैक का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां 44 वर्षीय एक विधवा महिला ने एक्स बॉयफ्रेंड पर तेजाब फेंक दिया, क्योंकि वो उसे धोखा देकर दूसरी लड़की से शादी कर रहा था. इस हमले के बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई.
आंध्र प्रदेश के नंदलूर में एसिड अटैक का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां 44 वर्षीय एक विधवा महिला ने एक्स बॉयफ्रेंड पर तेजाब फेंक दिया, क्योंकि वो उसे धोखा देकर दूसरी लड़की से शादी कर रहा था. इस हमले के बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई. बॉयफ्रेंड ने भी चाकू से महिला पर पलटवार किया, जिसमें वो जख्मी हो गई. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज करके दोनों को गिरफ्तार कर लिया है.
जानकारी के मुताबिक, तिरुपति की रहने वाली जया नामक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर रह चुकी है. उसका एक 22 वर्षीय बेटा है. अपने पति की मौत के बाद वो शेख सैयद (32) नामक युवक के साथ रिलेशन में थी. दोनों करीब 10 साल तक एक-दूसरे के साथ रहे. इस बीच शेख नौकरी करने के लिए कुवैत चला गया. वो वहां चार साल तक रहा. वहां से वापस लौटने के बाद परिजनों के दबाव में वो दूसरी लड़की से शादी के लिए तैयार हो गया.
रविवार को करीब 11 बजे नंदलूर मंडल के अरवापल्ली गांव में शेख सैयद की शादी की तैयारी चल रही थी. मेहमान और परिवार के लोग एकत्रित थे. इसी बीच महिला वहां चली आई. वो शादी का विरोध करने लगी. दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ. शेख ने साफ कह दिया कि वो अब जया के साथ नहीं रहेगा. इससे गुस्से में आकर महिला ने बाथरूम साफ करने वाले एसिड से उसके उपर हमला कर दिया, जो शेख की चाची के उपर गिर गया.
इसके बाद शेख सैयद ने पलटवार करते हुए चाकू से जया पर हमला कर दिया. इसमें उसे मामूली चोट भी लगी है. इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जया और शेख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है. दोनों को गिरफ्तार करके पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. फिलहाल शेख की शादी रद्द कर दी गई है.
बताते चलें कि इसी तरह का एक मामला पिछले महीने यूपी के आगरा में सामने आया था. यहां एक महिला ने एकतरफा प्यार में प्रेमी पर एसिड से हमला कर दिया. इसके पुलिस को सूचना देकर बोली कि उसके प्रेमी ने उस पर एसिड अटैक किया है. लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. एसिड अटैक से घायल का शख्स का नाम हेमशंकर है. वो आवास विकास कॉलोनी में रहता है.
हेमशंकर की खंदारी में दोने और पत्तल की दुकान है. करीब 6 महीने आसमा नामक महिला उसके पास दुकान पर सामान खरीदने आई थी. सामान खरीदने के दौरान दोनों के बीच संपर्क हो गया. दोनों आपस में बात करने लगे. आसमा तीन बच्चों की मां है. वो दिल ही दिल में हेमशंकर से प्यार करने लगी. हाल ही में हेमशंकर की शादी तय हो गई, जिसकी जानकारी आसमां को हुई तो वो उसका विरोध करने लगी. शादी तोड़ने की बात कहने लगी.

जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.

आज सबसे पहले दस्तक देने जा रहे हैं, पंजाब में ध्वस्त होते लॉ एंड ऑर्डर पर, पंजाब में बढ़ते, गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर पर. जी हां पंजाब में इस वक्त एक दर्जन से ज़्यादा गैंग्स सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, कानून के रखवालों के दफ्तरों के सामने हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, और तो और बिना डरे, पंजाब पुलिस, पंजाब सरकार को, पंजाब के नेताओं, मंत्रियों, उनके बच्चों, उनके रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. देखें दस्तक.

देहरादून के विकासनगर इलाके में दुकानदार द्वारा दो कश्मीरी भाइयों पर हमला करने का मामला सामने आया है. खरीदारी को लेकर हुए विवाद के बाद दुकानदार ने मारपीट की, जिसमें 17 साल के नाबालिग के सिर में चोट आई. दोनों भाइयों की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी दुकानदार संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.

जिस मुद्दे पर नियम बनाकर UGC ने चुप्पी साध ली, राजनीतिक दल सन्नाटे में चले गए, नेताओं ने मौन धारण कर लिया.... रैली, भाषण, संबोधनों और मीडिया बाइट्स में सधे हुए और बंधे हुए शब्द बोले जाने लगे या मुंह पर उंगली रख ली गई. आखिरकार उन UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़े सवाल पूछते हुए इन्हें भेदभावपूर्ण और अस्पष्ट मानते हुए इन नियमों पर अस्थाई रोक लगा दी. आज हमारा सवाल ये है कि क्या इन नियमों में जो बात सुप्रीम कोर्ट को नजर आई... क्या वो जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दी?

जब UGC के नए नियमों के खिलाफ छात्र सड़कों पर विरोध कर रहे थे और ये कह रहे थे कि उन्हें ज़बरदस्ती अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, तब सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इन नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है, जिससे छात्रों को राहत मिली है. यह कदम छात्रों के अधिकारों की रक्षा और न्यायसंगत प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि नियमों को लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय और हितों को ध्यान में रखना आवश्यक है.







