
धीरेंद्र शास्त्री के 'हिन्दू राष्ट्र' वाले बयान पर नीतीश का पलटवार, बोले- पूजा पाठ का अधिकार, नीति तय करने का नहीं
AajTak
बिहार में चौथे दिन की हनुमान कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि 13 करोड़ बिहारियों में से जिस दिन 5 करोड़ लोग अपने घर के आगे धर्म ध्वज और माथे पर तिलक लगाने लगेंगे, उस दिन देश हिंदू राष्ट्र की तरफ आगे बढ़ जाएगा. उनके इस बयान के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है.
बाबा बागेश्वर वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहली बार बोले हैं. उन्होंने कहा कि किसी को देश के संविधान का उल्लंघन करने का अधिकारी नहीं है. किसी को भी अधिकार है कि वह पूजा पाठ करे, लेकिन देश की नीति तय नहीं कर सकता. किसी को दूसरे धर्म में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं. अगर कोई कुछ बोल रहा है, तो उसपे क्या कहें. सभी को अपना धर्म मानने की आजादी है.
नीतीश कुमार ने कहा कि कोई कुछ इधर-उधर नहीं कर सकता. किसी धर्म के खिलाफ किसी को नही बोलना चाहिए. देश के संविधान को इससे फर्क नहीं पड़ेगा. कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत पर नीतीश ने कहा कि पहले से पता था कि जीत होगी. हालांकि वह शपथ ग्रहण समारोह में बंगलोर जाने के सवाल को टाल गए.
धीरेंद्र शास्त्री ने बताया हिंदू राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ने का तरीका
बिहार की राजधानी पटना में बाबा बागेश्वर यानी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रम का मंगलवार को चौथा दिन है. हनुमान कथा के दौरान आज धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि भारत के हिंदू राष्ट्र बनने का सपना बिहार से ही पूरा होगा. जिस दिन 13 करोड़ बिहारियों में से 5 करोड़ लोग अपने घर के आगे धर्म ध्वज और माथे पर तिलक लगाने लगेंगे, उसी दिन देश हिंदू राष्ट्र की तरफ आगे बढ़ जाएगा.
भक्तों का उमड़ा सैलाब, पैर रखने की भी नहीं मिल रही जगह
इससे पहले पंडित धीरेंद्र शास्त्री पटना की सड़कों पर खुली गाड़ी में नजर आए. उन्होंने महावीर मंदिर में पूजा पाठ किया. पटना में बाबा बागेश्वर को देखने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. भीषण गर्मी के बावजूद कार्यक्रम में पैर रखने की जगह भी नहीं दिख रही थी.

दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ आंदोलन तेज़ी से जारी है. 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए हैं. यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ किया जा रहा है. मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को रोजगार देने वाली इस योजना में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है.

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते ने क्षेत्रीय आर्थिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला दिया है. इस ऐतिहासिक डील से पाकिस्तान को निर्यात के क्षेत्र में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस डील से पैदा हुए संभावित नकारात्मक प्रभाव से निपटने के लिए यूरोपीय अधिकारियों से संपर्क किया है. यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा.

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मियां मुसलमानों को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर राज्य के मियां मुसलमानों को परेशान करना हो तो वह रात दो बजे तक जाकर भी परेशान कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मियां मुसलमानों को पांच रुपए देने की बजाय चार रुपए देने की बात कह कर विवादों को जन्म दिया है. इसपर पर अब विपक्ष हमलावर है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.





