
'दोषी साबित होने तक मैं निर्दोष', खुद पर लगे आरोपों को IAS पूजा खेडकर ने किया खारिज
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पूजा खेडकर ने संवाददाताओं से बातचीत में अपने ऊपर लगे आरोपों को 'मीडिया ट्रायल' बताते हुए कहा कि लोग देख रहे हैं और जल्द ही सच्चाई सामने आ ही जाएगी. उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के मुताबिक, जब तक आरोप साबित न हो जाए तब तक किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता.
सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए अपनी दिव्यांगता के बारे में कथित झूठ बोलने के कारण जांच के दायरे में आईं ट्रेनी IAS अधिकारी पूजा खेडकर ने पहली बार अपने ऊपर लगे आरोपों पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि वह कमेटी के सामने सारे सवालों का जवाब देंगी और जांच का सामना करेंगी.
खेडकर ने आरोपों को बताया मीडिया ट्रायल
पूजा खेडकर ने संवाददाताओं से बातचीत में अपने ऊपर लगे आरोपों को 'मीडिया ट्रायल' बताते हुए कहा कि लोग देख रहे हैं और जल्द ही सच्चाई सामने आ ही जाएगी. उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के मुताबिक, जब तक आरोप साबित न हो जाए तब तक किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता.मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे कमेटी के सामने जो कुछ भी कहना होगा मैं कहूंगी और जो भी निर्णय लिया जाएगा मैं उसे स्वीकार करुंगी.'
तीसरे मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए पूजा ने किया था अप्लाई
खेडकर ने आंखों की रोशनी में दिक्कत और मानसिक बीमारी का दावा करते हुए दो मेडिकल सर्टिफिकेट संघ लोक सेवा आयोग को जमा किए थे. लेकिन हाल ही में सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि आईएएस अधिकारी ने पुणे के एक अस्पताल से तीसरा मेडिकल सर्टिफिकेट लेने की भी कोशिश की थी, जिसे मेडिकल प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया. दरअसल, शारीरिक विकलांगता साबित करने के इरादे से खेडकर ने कई मेडिकल टेस्ट कराए थे, लेकिन जांच करने वाले डॉक्टर ने कहा कि दिव्यांगता सर्टिफिकेट जारी करना संभव नहीं था.सूत्रों के मुताबिक, पूजा खेडकर ने अगस्त 2022 में पुणे के औंध अस्पताल से दिव्यांगता सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था.
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