
देश में भुखमरी का शिकार थे 35 करोड़ लोग, तब शाहजहां बनवा रहे थे ताजमहल, बोले मनोज मुंतशिर
AajTak
मध्य प्रदेश के उज्जैन (MP Ujjain) में 'उज्जैन गौरव दिवस' की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में गीतकार मनोज मुंतशिर (Lyricist Manoj Muntashir) ने शिरकत की. उन्होंने इस दौरान मुगलों पर जमकर निशाना साधा. मनोज ने कहा कि जब देश में लोग भूख से मर रहे थे, तब मुगल बादशाह ताजमहल बनवा रहे थे.
मध्य प्रदेश के उज्जैन (MP Ujjain) आए गीतकार मनोज मुंतशिर (Lyricist Manoj Muntashir) ने मुगलों को लुटेरा बताते हुए उन पर जमकर निशाना साधा है. कार्यक्रम में मनोज मुंतशिर ने कहा कि देश में प्यार के नाम पर ताजमहल खड़ा कर दिया गया, वो भी उस समय में, जब देश में भुखमरी थी. देश में 35 लाख लोग भुखमरी से मर रहे थे.
दरअसल, मनोज मुंतशिर उज्जैन गौरव दिवस की पूर्व संध्या पर हुए आयोजन में शिरकत करने आए थे. इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुंतशिर ने कहा कि '17वीं शताब्दी में जब शाहजहां ताजमहल बनवा रहे थे, ये वो दौर था, जब भारत में 35 लाख लोग भुखमरी का शिकार होकर दम तोड़ रहे थे. ऐसे आलम में एक राजा, एक बादशाह क्या करता है.
'उस जमाने के 9 करोड़ रुपये खर्च कर दिए, मगर लोग भूखे मरते रहे'
मनोज ने कहा कि उस जमाने के 9 करोड़ रुपए एक मकबरे में खर्च कर सकता है, जिससे पूरे देश की गरीबी मिट सकती थी. एक तरफ हमने महाराजा विक्रमादित्य को देखा और एक तरफ हमने इन लुटेरे डकैतों को देखा, यह भी हमारी बदकिस्मती थी. अब ताजमहल बनवा दिया. अब हमें जबरदस्ती बाएं हाथ से इतिहास लिखने वाले यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि यह मोहब्बत की निशानी है.
'अगर ताजमहल मोहब्बत की निशानी है तो चित्तौड़ क्या है'
मुंतशिर यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि 'अगर ताजमहल मोहब्बत की निशानी है तो चित्तौड़ क्या है, जहां हमारी मां रानी पद्मिनी अपने पति राजा रतन सिंह के वियोग में जलती हुईं कुंड में कूद गईं, लेकिन अलाउद्दीन खिलजी को अपने आंचल का एक तार तक नहीं छूने दिया. उन्होंने कहा कि प्रेम की निशानी जानना है तो वह पुल देखिए, जो हमारे भगवान श्रीराम ने अपनी प्राण प्रिय पत्नी सीता को रावण के चंगुल से छुड़ाने समंदर के सीने पर बांध दिया, वो है प्रेम की निशानी.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








