
दुबई की राजकुमारी लतीफा की कैद का मामला उलझा, ब्रिटिश PM ने जताई चिंता
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राजकुमारी लतीफा का वीडियो पूरी दुनिया में वायरल हो गया. जिसमें वो दुनिया से मदद की गुहार लगा रही थी. इसी दौरान राजकुमारी लतीफा की बेस्ट फ्रेंड ने इंग्लैंड की महारानी से मदद की गुहार लगाई थी. नतीजा ये हुआ कि ब्रिटेन के पीएम ने इस माामले पर चिंता जाहिर की.
दुबई की राजकुमारी शेख लतीफा ने अपने महल के बाथरूम में एक वीडियो शूट किया. फिर उस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. उस वीडियो के वायरल होते ही हंगामा मच गया. दरअसल, राजकुमार ने उस वीडियो में इल्जाम लगाया कि दुबई के शासक ने उसे कैद कर रखा है. पिछले दो साल से उसने सूरज की रोशनी तक नहीं देखी. अब आगे उसका क्या होगा, वो ये भी नहीं जानती. दुबई की राजकुमारी शेख लतीफा बिंत मोहम्मद अल मख्तूम का जो वीडियो सामने आया है, उसमें वो कह रही हैं "मैं एक विला में हूं और बंधक हूं. मैं अपने कमरे का दरवाज़ा तक नहीं खोल सकती. मैंने करीब दो साल से सूरज की रोशनी तक नहीं देखी है.
जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने कहा है कि यदि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर हो जाता है तो जापान होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछी समुद्री बारूदी सुरंगों (नेवल माइंस) को हटाने के लिए अपने अत्याधुनिक 'माइनस्वीपर' जहाज तैनात करेगा.

ईरान जंग से तेल $112 प्रति बैरल तक पहुंच रहा है. एयरलाइंस उड़ानें काट रही हैं. ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है. जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश में फ्यूल राशनिंग शुरू हो गई है. IEA का 10-पॉइंट प्लान आ गया है. दुनियाभर की सरकारें इसे एनर्जी सिक्योरिटी कहेंगी, लेकिन असर लॉकडाउन जैसा दिखना शुरू हो चुका है. इस बार चेतावनी भी नहीं मिलेगी.

जापान ने कहा है कि अगर इजरयाल-अमेरिका का ईरान के साथ जो युद्ध जल रहा है, उसपर अगर पूरी तरह से विराम लगता है तो वह होर्मुज के रास्ते से माइंस हटाने का सोचेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो दिन पहले ही जापान के प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की थी. इस मुलाक़ात के बाद जापान की ओर से यह बयान जारी किया गया है.

ईरान ने दक्षिण इजरायल के अराद और डिमोना में भीषण मिसाइल हमले किए है. इजरायली विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में बच्चों समेत 100 से ज्यादा लोग घायल है. ईरान ने इन हमलों के लिए बैलिस्टिक मिसािलों का इस्तेमाल किया और डिमोनो शहर जहां इजरायल का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र के पास ये हमला हुआ, जो कि बड़ा चिंता का विषय है.









