
दुधवा के जंगल में दिखा अति दुर्लभ प्रजाति का गिद्ध एशियन किंग, जानें खासियत
AajTak
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में दुधवा नेशनल पार्क में दुर्लभ प्रजाति का गिद्ध मिला है. पार्क के अधिकारियों का कहना है कि गिद्ध प्रकृति के सफाईकर्मी कहे जाते हैं, इनके संरक्षण के लिए सरकार ने महाराजगंज जिले में जटायु ब्रीडिंग सेंटर तैयार किया है.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में गिद्धों के एक अति दुर्लभ प्रजाति का रेड हेडेड वेल्चर दिखा है. इसके बाद से दुधवा टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों में खुशी है. दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रंगा राजू टी ने कहा कि अभी दुधवा में सोनालीपुर रेंज के अंतर्गत एक रेड हेडेड वेल्चर मिला है. उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई है. यह रेड हेडेड वेल्चर है. यह क्रिटिकली एंडेंजर कैटेगरी में है.
उन्होंने कहा कि यह गिद्ध आईयूसीएन कैटेगरी में है. यह काफी रेयर वल्चर है. वल्चर में जितनी प्रजातियां हैं, उनमें यह रेड हेडेड वल्चर सबसे रेयर है. इसे किंग वल्चर बोला जाता है. अभी यह दुधवा में दिखा है. दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ने कहा कि प्रकृति के सफाई कर्मचारी कहे जाने वाले गिद्धों की यह प्रजाति समस्त प्रजातियों में अत्यंत दुर्लभ है. प्रदेश सरकार द्वारा दुर्लभ प्रजाति के रेड हेडेड वल्चर को संरक्षण देने के लिए महाराजगंज में जटायु ब्रीडिंग सेंटर बनाया जा रहा है.
बीते दिनों कानपुर में मिला था सफेद हिमालयन गिद्ध
उत्तर प्रदेश के कानपुर के ईदगाह कब्रिस्तान में एक सफेद हिमालयन गिद्ध मिला था, इस गिद्ध के पंख लगभग पांच-पांच फीट के थे. अनुमान लगाया जा रहा था कि इस गिद्ध की उम्र सैकड़ों साल है. लोगों का कहना था कि यहां गिद्ध का जोड़ा कई दिन से डेरा डाले था. बताया जा रहा है कि गिद्ध की पहचान करने के बाद ईदगाह में रहने वाले सफीक नाम के युवक ने अन्य 5 लोगों के साथ मिलकर बड़ी चादर तानकर उसे पकड़ा. सफेद गिद्ध को देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी.

दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ आंदोलन तेज़ी से जारी है. 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए हैं. यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ किया जा रहा है. मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को रोजगार देने वाली इस योजना में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है.

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते ने क्षेत्रीय आर्थिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला दिया है. इस ऐतिहासिक डील से पाकिस्तान को निर्यात के क्षेत्र में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस डील से पैदा हुए संभावित नकारात्मक प्रभाव से निपटने के लिए यूरोपीय अधिकारियों से संपर्क किया है. यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा.

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मियां मुसलमानों को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर राज्य के मियां मुसलमानों को परेशान करना हो तो वह रात दो बजे तक जाकर भी परेशान कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मियां मुसलमानों को पांच रुपए देने की बजाय चार रुपए देने की बात कह कर विवादों को जन्म दिया है. इसपर पर अब विपक्ष हमलावर है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.





