
दिल्ली पुलिस से 1 दर्जन से ज्यादा आईपीएस भेजे गए प्रतिनियुक्ति पर
AajTak
कोरोना काल के बाद एक बार फिर ट्रांसफर पोस्टिंग विभाग ने रफ्तार पकड़ ली है. अकेले दिल्ली पुलिस से 1 दर्जन से ज्यादा आईपीएस प्रतिनियुक्ति पर भेज दिए गए हैं.
AGMUT CADRE के आईएएस-आईपीएस और DANIPS अधिकारियों का तबादला और पोस्टिंग भारत सरकार के गृह मंत्रालय के द्वारा किया जाता है. करीब 1300 AGMUT आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की सेक्शन स्ट्रैंथ है. इसके अंतर्गत अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और सभी केंद्र शासित प्रदेश जैसे कि जम्मू एंड कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़, अंडमान, पांडिचेरी और दिल्ली आते हैं.
तीन से चार साल से यह देखा गया है कि जो अधिकरियों ने अपना कार्यकाल दिल्ली में बहुत पहले ही पूरा कर लिया वो अभी तक किसी खास वजहों से गृह मंत्रालय ने उनको बाहर नही भेजा है. दरअसल कई ऐसे अधिकारी हैं जो नियमों का फायदा उठा कर अपने आप को दिल्ली से जाने से बचा लेते हैं. और सालों से यंही रहते हैं. ऐसे में वो अधिकारी जो बाहर से अपना कार्यकाल पूरा कर दिल्ली आने के इंतज़ार में रहते हैं, पोस्ट खाली न होने की वजह से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. AGMU कैडर के कई ऐसे आईपीएस अधिकारी जो कि सुपर कॉप कहे जाते थे वो सालों से मेन स्ट्रीम लाइन में नही आ पाए.
दरअसल आमतौर पर पांच साल के बाद अधिकारियों का ट्रांसफर दिल्ली से किसी दूसरे प्रदेश में कर दिया जाता है ताकि रोटेशन बनी रहे. लेकिन कुछ ऐसे अधिकरी हैं जो नियमों के कुछ लचीलेपन का फायदा उठाते हुए और अपने संपर्क से अपना ट्रांसफर रुकवा लेते हैं. और जब भी उनका ट्रांसफर नम्बर आता है, वो या तो मेडिकल लीव, स्टडी लीव या कुछ और वजहों के नाम पर छुट्टी लेकर चले जाते हैं. इस कारण से उनका नाम ट्रांसफर पोस्टिंग में नही आता है. और इस समय कई अधिकारी जैसे कि मनीषा सक्सेना, मधुप व्यास, निखिल कुमार, वर्षा जोशी, गीतांजली गुप्ता, अमित सिंह, विश्वेन्द्र अरविंद और संजीव आहूजा जो दिल्ली में किसी न किसी खास वजहों से यंहा सालों से जमे हुए हैं. हालांकि केंद्र सरकार या राज्य सरकार के पास विशेष पॉवर होता है किसी भी अधिकारी को रोकने या उसे अपने पास बुलाने का.
दिल्ली पुलिस के आईपीएस अधिकारियों की बात करें तो गृह विभाग ने हाल ही में दिल्ली पुलिस के कई आईपीएस अधिकारियों को दिल्ली से बाहर यूटी कैडर में भेजा और वापस भी बुलाया है. इन अधिकारियों में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी और आईपीएस ऑफिसर नीरज ठाकुर को डीजीपी अंडमान निकोबार और आईपीएस जसपाल सिंह को डीजीपी गोवा बनाया गया है.
इसी तरह आईपीएस अधिकारी देवेश श्रीवास्तव मिजोरम के डीजी बनाए गए. आईपीएस प्रवीण रंजन चंडीगढ़ के डीजी बनाकर भेजे गए. आईपीएस मुकेश मीना गोवा डीजी से दिल्ली वापस लाए गए. आईपीएस वीनू बंसल को दिल्ली से मिजोरम भेजा गया. एसबीके सिंह डीजी मिजोरम को दिल्ली लाया गया है. जबकि आरपी उपाध्याय डीजी अरुणाचल को भी दिल्ली ट्रांसफर किया गया है. सतीश गोलचा को दिल्ली से अरुणाचल का डीजी बनाकर भेजा गया है. आईपीएस मधुर वर्मा अरुणाचल प्रदेश से दिल्ली, रविंदर यादव को अरुणाचल प्रदेश से दिल्ली लाया गया है.
जानकारों के मुताबिक इसका एक कारण यह भी है कि कोरोना काल से पहले कैडर अथॉरिटी की मीटिंग हर 6 महीने पर हुआ करती थी लेकिन 2020 के बाद से यानी कोरोना काल के चलते हर 6 महीने पर यह मीटिंग नहीं हो पाई जिसके चलते ट्रांसफर पोस्टिंग में इस तरह की लापरवाही हुई है.

रमजान के महीने में देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आई हैं. खासकर मध्यप्रदेश के जबलपुर, हैदराबाद और कर्नाटक के बागलकोट में हालात तनावपूर्ण रहे. जबलपुर के सिहोरा इलाके में मंदिर और मस्जिद के बीच आरती और नमाज के समय विवाद हुआ जिसने तोड़फोड़ और पथराव को जन्म दिया. पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कार्रवाई कर रही है.

उत्तराखंड के पौड़ी जनपद के श्रीनगर में स्थित लोकप्रिय धारी देवी मंदिर के पास बहने वाली अलकनंदा नदी में बड़ा हादसा टल गया. नदी में दो बोटों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई जिसके कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. टक्कर के बाद एक चालक नदी में गिर गया जबकि दूसरी बोट अनियंत्रित होकर बीच धारा में घूमती रही. सौभाग्यवश चालक तैरकर सुरक्षित बाहर आ गया और बोट संचालकों की सूझबूझ से सभी सवार सुरक्षित बचा लिए गए.

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने इस इंटरव्यू ब्रिक्स करेंसी पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि हमने यह नहीं कहा कि हम ब्रिक्स करेंसी बनाएंगे. ब्रिक्स के अंदर नई करेंसी बनाने पर कोई बहस नहीं है. लेकिन यह जरूरी नहीं है कि ब्राजील और इंडिया के बीच ट्रेड डील US डॉलर में ही हो. हम इसे अपनी करेंसी में भी कर सकते हैं.

दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओँ ने शर्ट उतारकर सार्वजनिक रूप से विवादास्पद प्रदर्शन किया. इस घटना के बाद पुलिस ने 5 से 6 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. बीजेपी ने इस प्रदर्शन पर तीखा हमला किया है और संबित पात्रा ने कहा कि इस प्रदर्शन को जानबूझकर किया गया था. AI समिट में इस तरह के प्रदर्शन ने वहां की शांति भंग कर दी.

आज का दंगल घरेलू सियासत में देश के वैश्विक अपमान पर है. क्योंकि दिल्ली में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट में आज ऐसी घटना हुई है जिसे लेकर बीजेपी हमलावर है. दिल्ली में चल रहे जिस एआई समिट में शामिल होने के लिए दुनिया भर से नेता-उद्योगपति-टेक्नोकरेट्स भारत आए हुए हैं. उसी मेले में जाकर युवा कांगरसे के 10 कार्यकर्तां ने यूएस डील के विरोध में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. ये कार्यकर्ता अपनी टीशर्ट उतारकर उसे बैनर की तरह लहराकर प्रदर्शन कर रहे थे.

दिल्ली के मुखर्जी नगर में 1 साल 9 माह के बच्चे हादी की मौत का मामला सामने आया है. एसएफएस फ्लैट्स के पार्क में मौसी आजरा पर गला दबाने की आशंका है. स्थानीय लोगों ने बच्चे को छुड़ाकर न्यूलाइफ अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया. पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लिया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल भेजा गया है.

तिरुवनंतपुरम में आधी रात को 14 साल के लड़के की जॉयराइड, माता-पिता को घर में बंद कर खाई में गिराई कार
तिरुवनंतपुरम में एक नाबालिग लड़के ने अपने माता-पिता को घर में बंद कर आधी रात को कार निकाली और दोस्त के साथ घूमने निकल गया. तभी करमना में कार रेलिंग तोड़कर कई फीट नीचे जा गिरी, लेकिन दोनों नाबालिग चमत्कारिक रूप से बच गए. पढ़ें इस हादसे की हैरान करने वाली कहानी.

एआई समिट में प्रदर्शन के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने पहले काले छाते पर प्रिंटेड स्टिकर लगाकर मंडपम में प्रवेश की योजना बनाई थी, लेकिन सुरक्षा जांच में पकड़े जाने की आशंका के चलते उन्होंने प्लान बदलकर टी-शर्ट पर स्टिकर लगवाए.

दिल्ली से मेरठ के बीच यात्रा को तेज और आसान बनाने की दिशा में 82 किमी लंबे दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर चलने वाली नमो भारत रैपिड रेल ने सराय काले खां से मेरठ के बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन पूरा कर लिया है. करीब 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली यह ट्रेन दोनों शहरों के बीच सफर को 55-60 मिनट में पूरा करेगी, जिससे दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी को पराजित करने के बाद रेखा गुप्ता की अगुवाई में बीजेपी की सरकार एक साल पूरी कर चुकी है. इस मौके पर सीएम रेखा गुप्ता ने दावा किया कि उन्होंने अपने वादों को पूरा करने की कोशिश की है. साथ ही अपने एक वर्ष की उपलब्धियां भी बताईं. देखें वीडियो.



