
दिल्ली: पत्नी से दुष्कर्म का आरोप लगा रिश्तेदार के खिलाफ FIR की मांग, दिल्ली HC ने वकील पर लगाया जुर्माना
AajTak
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक वकील द्वारा कथित दुष्कर्म के मामले में FIR दर्ज करने के लिए दायर याचिका को ‘दुर्भावनापूर्ण’ करार देते हुए उसे खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया.
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक वकील द्वारा कथित दुष्कर्म के मामले में FIR दर्ज करने के लिए दायर याचिका को ‘दुर्भावनापूर्ण’ करार देते हुए उसे खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. वकील ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी से उसके रिश्ते के भाई (वकील के रिश्ते के साले) ने तब दुष्कर्म किया था जब वह नाबालिग थी. उसने मामले में FIR दर्ज करने का अनुरोध किया था. अब वकील के साथ नहीं रह रही महिला ने हालांकि आरोपों से इनकार किया था.
आठ सप्ताह के भीतर भुगतान करना होगा न्यायमूर्ति अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली के चक्र को बेवजह की शिकायतों से अवरुद्ध करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, वह भी तब जब कथित पीड़िता को खुद कोई शिकायत नहीं है. अदालत ने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता आठ सप्ताह के भीतर दिल्ली उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति को लागत का भुगतान करे. न्यायाधीश ने कहा कि ऐसी शिकायतें न केवल जीवनसाथी को बल्कि उस व्यक्ति को भी परेशान कर सकती हैं जिसे निर्दोष होने के बावजूद फंसाया गया हो.
अदालत ने अपने हालिया आदेश में कहा, 'बलात्कार का ऐसा कोई भी आरोप न केवल ‘अमुक’ व्यक्ति(इस मामले में पत्नी) की गरिमा पर सवालिया निशान लगाता है, बल्कि उसके उत्पीड़न का कारण भी बन सकता है और दूसरे व्यक्ति की प्रतिष्ठा और जीवन को प्रभावित कर सकता है.'
मजिस्ट्रेट अदालत के साथ-साथ सत्र अदालत द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत FIR दर्ज करने का आदेश देने से इनकार करने के बाद याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय का रुख किया था. मजिस्ट्रेट धारा 156(3) के तहत किसी मामले में संज्ञान लेकर कथित अपराध की जांच का आदेश दे सकता है.
16 साल की उम्र में रिश्ते के भाई से दुष्कर्म की बात याचिकाकर्ता ने दावा किया कि 2017 में उनकी शादी के बाद पत्नी ने खुलासा किया कि जब वह 16 साल की थी तो उसके रिश्ते के भाई ने उसके साथ दुष्कर्म किया था. अदालत ने रेखांकित किया कि पुलिस द्वारा दायर की गई कार्रवाई रिपोर्ट को ‘‘हल्के ढंग से खारिज नहीं किया जा सकता’’ जिसमें पत्नी ने आरोप से इनकार किया और दावा किया कि याचिकाकर्ता ने उसे दहेज के लिए परेशान किया, तथा घरेलू हिंसा, भरण-पोषण तथा तलाक की कार्यवाही लंबित है.

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में चल रही नकली ब्रांडेड जूतों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खुलासा किया है. यहां नाइकी, एडिडास, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के नकली जूते बनाए जा रहे थे. पुलिस ने यूनिट के मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर भारी मशीनें और हजारों नकली जूतों के पार्ट्स बरामद किए हैं.

राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.









