
दिल्ली के NSG कैंप में मिला जवान का शव, सुसाइड की आशंका
AajTak
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कैंप में एक जवान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. जवान ने ये कदम क्यों उठाया फिलहाल इसकी जांच चल रही है.
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कैंप में एक जवान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. ये घटना दिल्ली स्थित NSG के सुदर्शन कैंप की है. जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को एक 31 वर्षीय जवान का शव उनके कैंप में मिला. संदेह है कि उन्होंने खुद को गोली मार ली.
घटना के बारे में पुलिस को एक पीसीआर कॉल से पता चला था. इसके बाद पुलिस की एक टीम घटनस्थल पर पहुंची थी. यहां उन्हें सेना से डेपुटेशन पर आए एनएसजी स्टाफ सदस्य नरेंद्र सिंह भंडारी का शव मिला जो 31 साल के थे. सिंह का शव पुलिस को उनके बैरक में मिला.
शुरुआती जांच से पता चला है कि उन्होंने खुद को गोली मारी थी. फॉरेंसिक और मोबाइल क्राइम की टीम ने मामले की जांच की और सारे सबूतों को इकट्ठा करके अपने साथ ले गई.
डिप्टी कमिश्नर (आईजीआई एयरपोर्ट) उषा रंगनानी ने बताया, 'मंगलवार को शिव मूर्ति के पास एनएसजी सुदर्शन कैंप में आत्महत्या की घटना से संबंधित एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई. सूचना मिलने पर पुलिस की टीम उस स्थान पर पहुंची, जहां एनएसजी जवान नरेंद्र सिंह भंडारी का शव उसकी बैरक के अंदर मिला था.'
इसके बाद जवान को सफदरजंग अस्पताल में ले जाया गया था जहां उन्हें डॉक्टर द्वारा मृत घोषित किया गया. इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.









