
...तो 5-6 दिन देरी से आएंगे लोकसभा चुनाव के नतीजे? पढ़ें- क्या है EVM-VVPAT का पूरा मामला जिसपर SC करेगा सुनवाई
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लोकसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से ठीक तीन दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में EVM-VVPAT से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट इससे जुड़ी दो याचिकाओं पर एकसाथ सुनवाई करेगा. ऐसे में समझते हैं कि ये मामला क्या है? और चुनाव से पहले EVM-VVPAT का मुद्दा फिर क्यों उठा है?
चुनाव से पहले एक बार फिर EVM के सभी वोटों की गिनती VVPAT की पर्चियों से कराने की मांग उठी है. मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है. इस मामले पर सुनवाई की अगली तारीख 16 अप्रैल तय की गई है.
मार्च 2023 में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने 100% EVM वोटों और VVPAT की पर्चियों का मिलान करने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच इस पर सुनवाई कर रही है.
इससे पहले एक्टिविस्ट अरुण कुमार अग्रवाल ने भी ऐसी ही मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. उनकी याचिका पर जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने चुनाव आयोग को नोटिस भी जारी किया था. लेकिन अब 16 अप्रैल को इन दोनों ही याचिकाओं पर जस्टिस खन्ना और जस्टिस दत्ता की बेंच सुनवाई करेगी.
एडीआर ने अपनी याचिका में कहा है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए EVM के वोटों और VVPAT की पर्चियों को क्रॉस-वेरिफाई किया जाना चाहिए. एडीआर ने सुझाव दिया है कि ये प्रक्रिया जल्दी हो सके, इसके लिए VVPAT पर बारकोड का इस्तेमाल किया जा सकता है.
हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब EVM में दर्ज वोटों और VVPAT की पर्चियों के मिलान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई हो.
अभी क्या होता है?

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