
तालिबान को ये लिस्ट सौंप बाइडेन ने अपने ही पैरों पर मारी कुल्हाड़ी!
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अफगानिस्तान संकट के बीच तमाम देश अपने नागरिकों और कर्मचारियों को काबुल से निकाल रहे हैं. इस बीच, एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कहा गया है कि अमेरिका ने तालिाबन को अपने अधिकारियों, ग्रीन कार्ड होल्डर, और अफगान सहयोगियों की सूची सौंपी थी जिन्हें वहां से निकाला जाना था.
अफगानिस्तान संकट के बीच तमाम देश अपने नागरिकों और कर्मचारियों को काबुल से निकाल रहे हैं. इस बीच, एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कहा गया है कि अमेरिका ने तालिबान को अपने अधिकारियों, ग्रीन कार्ड होल्डर, और अफगान सहयोगियों की सूची सौंपी है जिन्हें वहां से निकाला जाना था. तालिबान को यह लिस्ट काबुल के बाहरी इलाकों में एंट्री की इजाजत देने के लिए दी गई थी. हालांकि इस फैसले को लेकर अमेरिकी सांसदों और अफसरों में विवाद शुरू हो गया है. इस फैसले पर सवाल उठाने वालों का कहना है कि ऐसा करके अमेरिका ने लोगों की जान जोखिम में डाल दी. (फोटो-AP) अमेरिकी न्यूज वेबसाइट पोलिटिको (POLITICO) के मुताबिक, पिछले सप्ताह अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद हजारों लोगों की निकासी के लिए यह खाका तैयार किया गया था. तीन अमेरिकी सांसदों ने इसकी जानकारी पोलिटिको के साथ साझा की थी. काबुल पर तालिबान के काबिज होने के बाद एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. एयरपोर्ट के बाहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी तालिबान के हाथ में आने के बाद बाइडेन प्रशासन ने यह फैसला लिया था. (फोटो-AP)
ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

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स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

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