
ट्रंप-पुतिन की फोन पर बातचीत जारी, यूक्रेन में सीजफायर के प्लान पर हो रही चर्चा
AajTak
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत कर रहे हैं. यह बातचीत यूक्रेन में युद्धविराम के लिए अमेरिकी प्रस्ताव के कुछ दिनों बाद हो रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत कर रहे हैं. यह बातचीत यूक्रेन में युद्धविराम के लिए अमेरिकी प्रस्ताव के कुछ दिनों बाद हो रही है. व्हाइट हाउस के अनुसार, यह कॉल सुबह 10:00 बजे ईटी (7:30PM IST) पर ओवल ऑफिस से शुरू हुई.
राष्ट्रपति के सहायक और व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा, 'यह बातचीत अच्छी चल रही है और अभी भी जारी है.'
जेलेंस्की सहमत लेकिन पुतिन पर सस्पेंस
बता दें कि पिछले हफ्ते, सऊदी अरब में विदेश मंत्री मार्को रुबियो के नेतृत्व में हुई बातचीत के बाद यूक्रेनी अधिकारियों ने अमेरिकी प्रस्तावों पर सहमति जताई थी. हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की को अभी भी संदेह है कि पुतिन शांति के लिए तैयार हैं या नहीं, क्योंकि रूसी सेना अभी भी यूक्रेन को निशाना बना रही है.
इस मुद्दे पर चर्चा जारी
गौरतलब है कि सोमवार को ट्रंप ने कहा था कि वह तीन साल के युद्ध के दौरान जब्त की गई भूमि और बिजली संयंत्रों पर चर्चा करेंगे.

ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की मौत से ईरान बुरी तरह आहत है. इस हमले में लारिजानी का बेटा भी मारा गया है. ईरान ने अब अमेरिकी और इजरायली हमले के जवाब में कार्रवाई तेज करते हुए कई क्लस्टर बम गिराए है और तेल अवीव में भारी नुकसान पहुंचाया है और अनुमान लगाया जा रहा है कि जंग यहां से अब और भीषण रूप ले लेगी.

ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग का आज 19वां दिन है. लेकिन ये जंग अब थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी है. इस बीच ईरान ने दुबई पर फिर हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है. हमले के बाद दुबई के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी. दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया.

ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.








