
टेस्ला ने क्यों वापस बुलाई 2 लाख कारें? पढ़ें- 26 जनवरी की देश-दुनिया की 15 बड़ी खबरें
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26 जनवरी को अमेरिका, भारत समेत दुनिया में ये खबरें सुर्खियों में बनी रहीं. आइए डालते हैं एक नजर...
अमेरिका में नाइट्रोजन गैस के जरिए हत्या के दोषी को मौत की सजा दे दी गई है. पाकिस्तान में अहमदिया मुसलमानों पर अत्याचार की खबरें सामने आईं हैं. वहीं, भारत में रामलला के दर्शन का समय जारी हो गया है. 26 जनवरी को अमेरिका, दुनिया और भारत में ये खबरें सुर्खियों में बनी रहीं. आइए डालते हैं एक नजर...
अमेरिका की 5 बड़ी खबरें...
1. हत्या के दोषी को नाइट्रोजन गैस से दी मौत की सजा
अमेरिका के रहने वाले कत्ल के मुजरिम केनेथ इयूजीन स्मिथ को अलबामा में गुरुवार की शाम नाइट्रोजन गैस के जरिए सजा-ए-मौत दे दी गई. भारतीय समय के हिसाब से उसकी मौत शुक्रवार की सुबह हुई. इसके बाद नाइट्रोजन गैस मास्क से किसी को से मारने वाला दुनिया का पहला और इकलौता देश अमेरिका बन गया.
2. डोनाल्ड ट्रंप के मानहानि केस में आखिरी बहस आज
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मानहानि से जुड़े मामले में न्यूयॉर्क की अदालत में आज आखिरी बहस होगी. 2019 में पूर्व कॉलमिस्ट ई. जीन करोल ने ट्रंप पर यौन शोषण का आरोप लगाया था. और मानहानि का मुकदमा दायर किया था.

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने कहा है कि यदि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर हो जाता है तो जापान होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछी समुद्री बारूदी सुरंगों (नेवल माइंस) को हटाने के लिए अपने अत्याधुनिक 'माइनस्वीपर' जहाज तैनात करेगा.

ईरान जंग से तेल $112 प्रति बैरल तक पहुंच रहा है. एयरलाइंस उड़ानें काट रही हैं. ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है. जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश में फ्यूल राशनिंग शुरू हो गई है. IEA का 10-पॉइंट प्लान आ गया है. दुनियाभर की सरकारें इसे एनर्जी सिक्योरिटी कहेंगी, लेकिन असर लॉकडाउन जैसा दिखना शुरू हो चुका है. इस बार चेतावनी भी नहीं मिलेगी.

जापान ने कहा है कि अगर इजरयाल-अमेरिका का ईरान के साथ जो युद्ध जल रहा है, उसपर अगर पूरी तरह से विराम लगता है तो वह होर्मुज के रास्ते से माइंस हटाने का सोचेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो दिन पहले ही जापान के प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की थी. इस मुलाक़ात के बाद जापान की ओर से यह बयान जारी किया गया है.

ईरान ने दक्षिण इजरायल के अराद और डिमोना में भीषण मिसाइल हमले किए है. इजरायली विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में बच्चों समेत 100 से ज्यादा लोग घायल है. ईरान ने इन हमलों के लिए बैलिस्टिक मिसािलों का इस्तेमाल किया और डिमोनो शहर जहां इजरायल का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र के पास ये हमला हुआ, जो कि बड़ा चिंता का विषय है.









