
झूठ, फरेब, शादी और साजिश... पति को किस्तों में मौत देने वाली कातिल पत्नी की खौफनाक कहानी
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ये कत्ल ऐसे किया गया कि किसी को पता ही नहीं चला के मरने वाला खुद मारा या फिर उसे मारा गया. मगर कत्ल करने वाले कातिल से एक छोटी सी गलती हो गई.और वही छोटी सी गलती उसे भारी पड़ गई.
उसे कत्ल करना था मगर कुछ ऐसे कि वो मौत लगे. यानी ना तो मामला पुलिस तक जाए और ना ही मामले की जांच हो. और उसने सचमुच ऐसे ही कत्ल किया. किसी को पता ही नहीं चला के मरने वाला खुद मरा या फिर उसे मारा गया. मगर कत्ल करने वाले से एक छोटी सी गलती हो गई. और इसी छोटी सी गलती को पकड़कर पुलिस कत्ल और मौत के बीच के फर्क तक जा पहुंची.
20 नवंबर 2022, सचेंडी, कानपुर कानपुर के 40 साल के कारोबारी ऋषभ त्रिपाठी को डायबिटीज की बीमारी थी. उसे अपना शूगर कंट्रोल करने के लिए नियमित रूप से दवाएं लेनी पड़ती थी. एक रोज उसकी पत्नी सपना ने अपने पड़ोस में मौजूद एक मेडिकल शॉप ओनर से बात की और ऋषभ का ब्लड शूगर कंट्रोल करने के लिए उसे एक इंजेक्शन लगवा दिया. लेकिन इंजेक्शन लगाते ही मामला उल्टा पड़ गया. ब्लड शूगर नीचे जाने की जगह अचानक ही शूटअप कर गया और ऋषभ की हालत बिगड़ गई.
अस्पताल से आने के बाद ऋषभ त्रिपाठी की मौत आनन-फानन में सपना ने घरवालों की मदद से अपने पति ऋषभ को कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती करवाया. जहां पांच दिनों तक उसका इलाज चला और फिर उसे छुट्टी दे दी गई. लेकिन घर लौटने के बाद उसकी हालत सुधरने की जगह फिर से बिगड़ गई और आखिरकार घर वापसी के दो दिनों बाद उसकी मौत हो गई. इस बार जब उसे फिर से अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने पाया कि उसके लिवर समेत शरीर के कई अंदरुनी अंगर बुरी तरह से खराब हो चुके थे यानी ये मल्टी ऑर्गन फेल्योर का मामला था.
मौत की कहानी में ट्विस्ट एक जवान जहान शख्स की ये मौत शक के घेरे में थी. लिहाज़ा, पुलिस ने ऋषभ की लाश का पोस्टमॉर्टम भी करवाया. लेकिन पोस्टमॉर्टम में मौत की कोई भी खास वजह सामने नहीं आई. हालांकि पुलिस ने ऋषभ की मौत के तरीके को देखते हुए उसका बिसरा जांच के लिए सुरक्षित रखवा लिया. लेकिन इससे पहले कि ऋषभ की मौत की सच्चाई सामने आती, उसकी कोई वजह पता चलती, कहानी में एक ट्विस्ट आ गया.
27 अक्टूबर को हुआ था जानलेवा हमला हुआ यूं कि ऋषभ के यूं रहस्यमयी तरीके से मारे जाने से कुछ रोज पहले 27 अक्टूबर को ही उस पर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला किया था. हमला इतना भयानक था कि तब ऋषभ को कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था और तब से लेकर अब तक पुलिस लगातार उस मामले की जांच कर रही थी. ऋषभ पर हुए उस हमले का इल्ज़ाम उसके पड़ोस में रहनेवाले रामकृष्ण विश्वकर्मा पर था, जिसके खिलाफ ऋषभ की पत्नी सपना ने बाकायदा रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी.
हमलावरों से हुई थी सपना की बात लेकिन इस मामले की जांच में लगी कानपुर पुलिस तब हैरान रह गई, जब एक चौंकानेवाली सच्चाई सामने आई. पुलिस ने ऋषभ पर हुए हमले की जगह पर कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पहचान की थी, जिनकी जांच जारी थी. लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने पाया कि इन संदिग्ध नंबरों पर ऋषभ के पड़ोसी विश्वकर्मा की नहीं, बल्कि खुद ऋषभ की पत्नी सपना की कई बार बातचीत हुई है.

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