
जोशीमठ में अब तक 603 घरों में आई दरारें, 44 परिवार शिफ्ट किए गए, आज सीएम धामी करेंगे सर्वे
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जोशीमठ में हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं. सीएम पुष्कर सिंह धामी जमीन धंसने की घटना को लेकर गंभीर हैं. वह शनिवार को जोशीमठ का सर्वे करेंगे. इसके अलावा उन्होंने प्रभावित परिवारों को 6 महीने तक किराया देने का ऐलान किया है. इसके अलावा जोशीमठ में तत्काल एनटीपीसी समेत भी बड़े निर्माण को रोक दिया गया है.
उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंसने की बढ़ती घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. यहां 6 जनवारी तक 603 घरों में दरारें आ चुकी हैं. इनमें 100 से ज्यादा घर ऐसे हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं. इनमें 44 परिवारों को फिलहाल सुरक्षित जगह पर भेज दिया गया है. जानकारी के मुताबिक जोशीमठ के कम से कम 9 वार्डों में दरारें और भूमि धंसने की घटनाओं देखने को मिली हैं. जोशीमठ के गांधीनगर और रविग्राम वार्डों में सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी शनिवार दोपहर करीब 1 बजे जोशीमठ का सर्वे करेंगे और प्रभावितों से मिलेंगे. जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के ठहरने के लिए 1271 लोगों की क्षमता वाले 229 कमरों की पहचान की है.
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी, जिसमें अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए थे. जानकारी के मुताबिक सीएम ने बैठक में कहा था कि तत्काल सुरक्षित स्थान पर एक बड़ा अस्थायी पुनर्वास केंद्र बनाया जाए. जोशीमठ में सेक्टर और जोनल वार योजना बनाई जाए. तत्काल डेंजर जोन को खाली करवाया जाए और आपदा कंट्रोल रूम एक्टिवेट किया जाए, जिसके बाद अधिकारी कार्रवाई में जुट गए हैं. मालूम हो कि जोशीमठ भू-धंसाव के कारण शुक्रवार को पहला बड़ा हादसा हुआ. सिंहधार वार्ड में दरारें आने से भगवती मंदिर ढह गया.
हर परिवार को दिया जाएगा 4 हजार किराया
सीएम की बैठक के बाद जोशीमठ क्षेत्र के प्रभावितों के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने 6 महीने तक प्रभावित परिवारों को किराया देने का ऐलान किया है. अधिकारियों के मुताबिक जिन लोगों के घर खतरे की जद में हैं या रहने योग्य नहीं है, उन्हें अगले 6 महीने तक किराए के मकान में रहने के लिए ₹4000 प्रति परिवार सहायता दी जाएगी. यह सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रदान की जाएगी.
जोशीमठ में सभी निर्माण कार्यों पर लगी रोक

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