
जेल में दो कैदियों ने काटीं लोहे की सलाखें, अंधेरे में चकमा देकर हुए फरार, हत्या के आरोप में थे बंद
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कटकी की चौदवार जेल से दो खूंखार कैदियों का फरार होना न सिर्फ पुलिस और प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर रहा है कि आखिर जेलों की सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई. हत्या जैसे संगीन आरोपों में बंद इन दोनों कैदियों का रात के अंधेरे में लोहे की सलाखें काटकर भाग निकलना किसी फिल्मी सीन से कम नहीं है.
कटक की चौद्वार सर्कल जेल से गुरुवार देर रात दो विचाराधीन कैदी फरार हो गए. दोनों पर हत्या का आरोप है. इस फरारी ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
सूत्रों के मुताबिक, ये दोनों कैदी बिहार के रहने वाले हैं और उन्होंने रात करीब एक बजे अपनी बैरक की लोहे की सलाखें काटकर जेल से भागने में कामयाबी हासिल की. इस साहसिक फरारी के बाद तुरंत जांच शुरू कर दी गई है और पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार इन दोनों को हाल ही में जाजपुर जेल से चौद्वार जेल शिफ्ट किया गया था. इससे पहले भी दोनों कई बार जेल से भागने की कोशिश कर चुके थे. अब सवाल उठ रहे हैं कि ऐसे इतिहास वाले कैदियों को यहां लाने के बावजूद सुरक्षा प्रोटोकॉल और रिस्क असेसमेंट में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई. ओडिशा पुलिस ने दोनों कैदियों को पकड़ने के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया है. चेकपॉइंट बनाए गए हैं और आसपास के जिलों को सतर्क कर दिया गया है.
फरारी की प्लानिंग या सिस्टम की लापरवाही?
दोनों कैदियों को हाल ही में जाजपुर जेल से चौदवार लाया गया था. रिकॉर्ड बताता है कि उन्होंने पहले भी कई बार भागने की कोशिश की थी. इसके बावजूद उन्हें ज्यादा सुरक्षा में रखने के बजाय सामान्य बैरक में रखा गया. यह लापरवाही अब एक बड़े सवाल की तरह खड़ी है कि क्या जेल प्रशासन ने खतरे का अंदाजा ही नहीं लगाया या फिर नियमों की अनदेखी की गई?
हाई अलर्ट पर पुलिस

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