
जीते-जी बनवाई खुद की कब्र, मौत से पहले तय कर ली थी जगह... हैरान कर देगी 80 साल के बुजुर्ग की ये कहानी
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तेलंगाना के 80 साल के नक्का इंद्रय्या ने जीते-जी अपनी कब्र खुद बनवाई ताकि मौत के बाद बच्चों पर बोझ न बने. 18 दिन बाद उनकी मौत हो गई. यह कहानी हर किसी को हैरान कर रही है.
Man Prepares Grave Before Death: अक्सर आपने लोगों को एक कहावत कहते हुए सुना होगा- 'उसने खुद अपनी कब्र खोद ली.' हम जिस शख्स की कहानी आपको बताने जा रहे हैं, उसने सच में ऐसा किया. जी हां, उसने जीते जी खुद अपनी कब्र खोद ली. तो अब इसे क्या कहा जाए? तेलंगाना में 80 साल के बुजुर्ग ने अपनी कब्र इसलिए खोद डाली, ताकि उसके मरने के बाद उसके बच्चों को कोई तकलीफ ना उठानी पड़े. और वो ये भी तय करना चाहता था कि मरने के बाद उसकी आखिरी मंजिल कहां होगी.
घर में अंतिम दर्शन के लिए रखा पार्थिव शरीर और पास ही पहले से बनी-बनाई कब्र की सफाई में लगे मजदूर. आम तौर पर किसी इंसान के मरने के बाद ही उसकी उसकी कब्र खोदी जाती है. मातम और मय्यत के सिलसिले के बाद उसे दफ्नाया जाता है और इसकी जिम्मेदारी होती है इस फानी दुनिया को अलविदा करने वाले शख्स के घरवालों और चाहनेवालों के कांधे पर.
लेकिन तेलंगाना के नक्का इंद्रय्या की कहानी सबसे अलग है. क्योंकि 80 साल के नक्का इंद्रय्या वो दीगर शख्स हैं, जिन्होंने जीते-जी अपनी कब्र खुदवा ली. यहां तक कि उन्होंने अपने बच्चों से ये ताकीद भी कर दी कि मौत के बाद उन्हें ना सिर्फ इसी कब्र में दफ्ना दिया जाए. बल्कि इसका खर्च भी उन्हीं के बचाए हुए पैसों से किया जाए. इसे आप नक्का इंद्रय्या की आखिरी इच्छा समझें या फिर कुछ और. लेकिन नक्का के इस कदम से अब सिर्फ उनके गांव वाले ही नहीं बल्कि हर कोई हैरान है.
इंसान की जिंदगी में चाहे कितनी भी तकलीफें क्यों ना हो, वो अपनी मौत के सच को आसानी से नहीं मान पाता. ये जानते हुए भी कि जिंदगी बेवफा है, वो मौत से डरता है. ऐसे में नक्का इंद्रय्या के जीते-जी अपनी मौत की तैयारी करने की कहानी चौंकाती है. ऐसा नहीं है कि नक्का का कोई वारिस नहीं है या फिर उन्हें अपने घर वालों से कोई शिकायत थी. बल्कि चार-चार बेटों के पिता होने के बावजूद वो मौत के बाद भी अपने बच्चों पर बोझ नहीं बनना चाहते थे और बस इसीलिए उन्होंने ये सारी तैयारी कर रखी थी.
नक्का इंद्रय्या ने जीते जी अपनी जो कब्र खुदवाई, वो उनकी दिवंगत बीवी के कब्र के ठीक बगल में है. कंक्रीट की बनी इन दोनों कब्र के ऊपर छत है और साथ ही एक छोटा सा बगीचा भी. जिसमें लगे पेड़ पौधों पर वो जीते-जी पानी डाला करते थे.
एक शख्स के जीते जी अपनी कब्र खोदने की इस खबर के सामने आने के बाद मीडियाकर्मियों ने बमुश्किल कुछ रोज़ पहले ही नक्का से बातचीत की थी और उनसे ऐसा करने का सबब पूछा था. तब नक्का इंद्रय्या ने बहुत खुश होकर अपनी मौत की ये सारी तैयारी भी पत्रकारों को दिखाई थी और सितम देखिए कि अपनी मौत की तैयारी दिखाने के ठीक 18वें दिन यानी 11 जनवरी को उनकी मौत हो गई.

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