
जातीय समीकरण और 2024 की चुनावी बिसात... टीम योगी में शामिल हुए चार नए चेहरों से BJP को मिलेगी नई मजबूती!
AajTak
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ कैबिनेट का विस्तार हो चुका है. सुभासपा के एक, आरएलडी के एक और बीजेपी के एक विधायक और एक एमएलसी को मंत्री पद दिया गया है. आगामी लोकसभा से पहले योगी कैबिनेट का ये विस्तार बीजेपी को उत्तर प्रदेश में बड़ा बूस्ट दे सकता है.
आगामी लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है. तीन पार्टियों बीजेपी, आरएलडी और एसबीएसपी के चार विधायक-एमएलसी मंत्री बनाए गए हैं. सुभासपा की तरफ से खुद पार्टी अध्यक्ष ओपी राजभर को मंत्री पद दिया गया है. हाल ही में एनडीए का हिस्सा बनी आरएलडी के एक विधायक को भी योगी कैबिनेट में शामिल किया गया है.
बीजेपी के एक विधायक और एक एमएलसी को भी मंत्री पद मिला है. कैबिनेट में सुभासपा के ओपी राजभर के अलावा राष्ट्रीय लोक दल की तरफ से अनिल कुमार और बीजेपी की तरफ से विधायक सुनील शर्मा और एमएलसी दारा सिंह चौहान मंत्री बनाए गए हैं.
ओमप्रकाश राजभर का इंतजार खत्म
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं. पिछले साल जब उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़कर एनडीए में वापसी की तभी से उन्हें मंत्री पद मिलने के कयास लगाए जा रहे थे.
ये भी पढ़ें: लोकसभा चुनाव 2024: जयंत चौधरी ने बिजनौर और बागपत से उतारे RLD के ये दो चेहरे
हालांकि, उन्हें यह पद मिलने में छह महीने का वक्त लग गया, जब सामने लोकसभा चुनाव है. ओम प्रकाश राजभर को यूपी कैबिनेट में शामिल करने के पीछे बीजेपी की बड़ी रणनीति, लोकसभा चुनाव को लेकर ही है. उत्तर प्रदेश में राजभर समुदाय चार फीसदी है और पूर्वांचल के जिलों में इसकी अच्छी खासी आबादी है.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










