
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने किया गरीब छात्रों के लिए स्कॉलरशिप का ऐलान, इस तरह करें हासिल
Zee News
तालीम की अहमियत पर रोशनी डालते हुए मौलाना महमूद मदनी ने बुधवार को कहा कि शिक्षा समय की सबसे बड़ी जरूरत है, उसके बिना आधुनिक और सभ्य समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है.
देवबंद/सैयद उवैस अली: जमीअत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद मौलाना सैयद महमूद मदनी ने शिक्षा की अहमियत महत्व पर जोर देते हुए गरीब और होनहार छात्रों के लिए स्कॉलरशिप का ऐलान किया है. साथ ही मौलाना मदनी ने कहा कि मुसलमान अपने अंदर शिक्षा का जज्बा पैदा करें. एक वक्त भूखा रहें लेकिन अपने बच्चों को शिक्षा दिलाएं. इन छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप मौलाना मदनी ने तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों-छात्राओं के लिये जमीअत की तरफ से स्कॉलरशिप 2020 -21 का ऐलान करते हुए बताया कि ये छात्रवृत्ति सिर्फ प्रोफेशनल शिक्षा: एमबीबीएस, बीडीएस, बीयूएमएस, बीए एमएस, बी फार्मा, बी.ई, एम.टेक, बी.टेक, बी.आर्क, एम.आर्क के छात्रों को दी जाएगी.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

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Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










