
जमीनी विवाद, हाथ में पिस्तौल और धमकी... विवादित IAS पूजा खेडकर की मां मनोरमा का पता लगाने में पुणे पुलिस नाकाम
AajTak
विवादित IAS अधिकारी पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर का एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें एक जमीनी विवाद को लेकर वो हाथ में बंदूक लिए कुछ लोगों को धमका रहीं थीं. ये वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मनोरमा और उनके पति दिलीप खेडकर समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
विवादित प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर के खिलाफ भूमि विवाद में मामला दर्ज हो चुका है. लेकिन अभी तक पुणे पुलिस मनोरमा से संपर्क नहीं कर पाई है. जिसे पुलिस की नाकामी माना जा रहा है.
दरअसल, विवादित अधिकारी पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर का एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें एक जमीनी विवाद को लेकर वो हाथ में बंदूक लिए कुछ लोगों को धमका रहीं थीं. ये वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मनोरमा और उनके पति दिलीप खेडकर समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
पुण के एक पुलिस अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ एक टीम शहर के बानेर रोड स्थित मनोरमा के बंगले का दौरा करने गई, लेकिन उनका पता नहीं लगा पाया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने टीम के साथ रविवार और सोमवार को उनके घर गई, लेकिन वे आवासीय परिसर में एंट्री ही नहीं कर पाए.
पुलिस अफसर का कहना है कि मनोरमा का मोबाइल फोन भी बंद है. एक बार जब हम उनका पता लगा लेंगे, तो जांच शुरू की जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुणे ग्रामीण पुलिस ने खेडकर दंपति और पांच अन्य लोगों के खिलाफ पौड पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 323 (बेईमानी या धोखाधड़ी से संपत्ति को हटाना या छिपाना) सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
आपको फिर से बता दें कि यह मामला सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के कुछ दिनों बाद दर्ज किया गया है, जिसमें मनोरमा अपने सुरक्षा गार्डों के साथ पुणे के मुलशी तहसील के धडवाली गांव में हाथ में पिस्तौल लिए कुछ लोगों के साथ तीखी बहस करती दिख रही थीं.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







