
'जब कांग्रेस को देश ने हटाया, तब ओबीसी के लिए आरक्षण आया', लोकसभा में बोले पीएम मोदी
AajTak
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि वोटबैंक की राजनीति में डूबे हुए लोगों ने आरक्षण के अंदर नुक्ताचीनी करने का काम किया है, इसका सबसे ज्यादा नुकसान एससी-एसटी और ओबीसी का नुकसान किया है. दशकों तक मंडल कमीशन की रिपोर्ट को डिब्बे में डाल दिया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस को देश ने हटाया, तब ओबीसी के लिए आरक्षण आया. उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर को भारत रत्न देने का काम भी तब संभव हुआ, जब कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई.
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि वोटबैंक की राजनीति में डूबे हुए लोगों ने आरक्षण के अंदर नुक्ताचीनी करने का काम किया है, इसका सबसे ज्यादा नुकसान एससी-एसटी और ओबीसी का नुकसान किया है. दशकों तक मंडल कमीशन की रिपोर्ट को डिब्बे में डाल दिया था.
पीएम मोदी ने कहा कि नेहरू जी से लेकर आज तक सिर्फ संविधान को कुचला गया. पहले पूर्ण बहुमत की सरकार थी, लेकिन फिर भी बाबा साहब को सम्मान नहीं दिया गया. यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर संविधान सभा ने लंबी चर्चा की थी, बाबा साहब ने धार्मिक आधार पर बने पर्सनल लॉ को खत्म करने की जोरदार वकालत की थी.
जो पार्टी के संविधान को नहीं मानते, वो देश के संविधान को कैसे स्वीकार करेंगे?
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस को लेकर कहा कि जो अपनी पार्टी के संविधान को नहीं मानते हैं, जो जिनकी रगों में सत्तावाद और परिवारवाद भरा पड़ा हुआ है, वो लोग कैसे देश के संविधान को स्वीकार कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सीताराम केसरी को उठाकर फुटपाथ पर फेंक दिया था. पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस का सबसे प्रिय शब्द जिसके बिना वो जी नहीं सकते वो है, जुमला. 'गरीबी हटाओ' कांग्रेस का सबसे पसंदीदा जुमला था. क्या आपको देश में टॉयलेट बनाने की भी फुरसत नहीं मिली. आपने गरीबों को TV में देखा है. अखबार में पढ़ा है. आपको पता ही नहीं कि गरीबी होती क्या है.
पीएम मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला

दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके से एक दुखद और गंभीर खबर आई है जहां एक 11 साल के बच्चे की हत्या हुई है. बच्चे की आंख और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं. जानकारी के अनुसार, पिता ने ही अपने पुत्र की हत्या की है और उसने घटना के बाद एक वीडियो बनाकर अपने परिवार को भेजा. इस घटना के बाद आरोपी फरार है और इस मामले की जांच जारी है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के PRO ने दावा करते हुए कहा कि प्रयागराज प्रशासन के बड़े अधिकारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सम्मान पूर्वक दोबारा स्नान कराने की कोशिश की है. जिसके बाद स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद की तरफ से प्रशासन के लिखित में माफी मांगने, मारपीट करने वालो पर कार्रवाई और चारों शंकराचार्य के स्नान की मांग की गई.

दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ आंदोलन तेज़ी से जारी है. 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए हैं. यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ किया जा रहा है. मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को रोजगार देने वाली इस योजना में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है.

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते ने क्षेत्रीय आर्थिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला दिया है. इस ऐतिहासिक डील से पाकिस्तान को निर्यात के क्षेत्र में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस डील से पैदा हुए संभावित नकारात्मक प्रभाव से निपटने के लिए यूरोपीय अधिकारियों से संपर्क किया है. यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा.

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मियां मुसलमानों को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर राज्य के मियां मुसलमानों को परेशान करना हो तो वह रात दो बजे तक जाकर भी परेशान कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मियां मुसलमानों को पांच रुपए देने की बजाय चार रुपए देने की बात कह कर विवादों को जन्म दिया है. इसपर पर अब विपक्ष हमलावर है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.






