
जन्म से गर्भाशय नहीं था, अजनबी की मदद से मां बनी ये महिला
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एक महिला का सोशल मीडिया पोस्ट पढ़कर उससे अपरिचित एक महिला भावुक हो गई. उसने पोस्ट पढ़कर ही 'सरोगेट मदर' बनने का फैसला कर लिया. दरअसल, पोस्ट करने वाली महिला MRKH सिंड्रोम से ग्रस्त थी, इस कारण वह मां बनने में असमर्थ थी. सरोगेट मदर बनी महिला की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है.
एक महिला की सोशल मीडिया पोस्ट पढ़कर उससे अपरिचित एक महिला इमोशनल हो गई और उसने 'सरोगेट मदर' बनने का फैसला कर लिया. दरअसल, पोस्ट करने वाली महिला MRKH सिंड्रोम से ग्रस्त थी, इस कारण वह मां नहीं बन सकती थी. तभी इस महिला की जिंदगी में एक अन्य अनजान महिला की 'सरोगेट मदर' के तौर पर एंट्री हुई.
लॉरा कर्टिस ने बताया वह Mayer-Rokitansky-Küster-Hauser (MRKH) सिंड्रोम से ग्रस्त थीं. जब वह 16 साल की हुईं तो इस वजह से उनके पीरियड्स नहीं आए. लॉरा ने जांच करवाई तो MRI में सामने आया कि उनको जन्म से गर्भाशय नहीं था.
इसके बाद डॉक्टरों ने लॉरा को बता दिया था कि वह कभी भी बच्चे पैदा नहीं कर पाएंगी. लॉरा ने कहा कि वह अपनी कंडीशन के बारे में किसी से भी बात नहीं कर सकती थीं. उनकी जान पहचान में भी कोई ऐसा भी नहीं था जो सरोगेसी से पैरेंट्स बना हो.
लॉरा ने कहा कि कुछ समय बीतने के बाद उनकी मुलाकात लुइस से हुई. लुइस और लॉरा दोनों ही पैरेंट्स बनना चाहते थे, ऐसे में उनके पास IVF और सरोगेसी का ही रास्ता था. इसके अलावा अडॉप्शन का विकल्प भी मौजूद था.
सरोगेट मदर बनने वाली महिला ने क्या कहा?
सरोगेट मदर बनी कोले थॉमस ने बताया कि लॉकडाउन के बाद उन्होंने अपने पति से कहा कि वह 'एग डोनेशन' करना चाहती हैं. इसी दौरान कोले ने लॉरा का भी सोशल मीडिया पोस्ट देखा था. उन्हें इस बात का अहसास था कि परिवार होने का क्या मतलब होता है? इसी कारण उन्होंने लॉरा के परिवार को कंपलीट करने के बारे में सोचा और सरोगेट मदर बनने का फैसला किया.

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