
जंग से 'बीच मझधार' में फंसी Gold की खेप... बंपर छूट पर बेच रहे व्यापारी, जानें भाव
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पश्चिम एाशिया में जंग के कारण कई चीजों का आयात-निर्यात रुका हुआ है. इस बीच, सोने की कई खेपें भी दुबई में अटकी हुई हैं, जिस कारण व्यापारी लंदन के मार्केट प्राइस से भी कम दाम पर सोने को बेच रहे हैं.
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आयात-निर्यात के कई खेप फंसने की खबर आ रही है. इस बीच, Gold शिपमेंट के फंसने की खबर आई है और इस कारण सोना बंपर डिस्काउंट पर बेचा जा रहा है.
ब्लूमबर्ग न्यूज़ के अनुसार, गोल्ड के कई शिपमेंट दुबई में फंसे हुए हैं, क्योंकि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण संयुक्त अरब अमीरात का हवाई क्षेत्र बंद है. हालांकि सप्ताह के मध्य से कुछ सोने को उड़ान भरने वाली उड़ानों में लोड कर दिया गया है, लेकिन कई खेपें अभी भी अटकी हुई हैं.
दुबई में सोना फंसने के कारण बड़ी रुकावट आई है, जो ग्लोबल गोल्ड मार्केट में हलचल पैदा कर रहे हैं. ईरान से संबंधित संघर्ष के आठवें दिन भी जारी रहने से निर्यातकों और खरीदारों दोनों के लिए अनिश्चितता और रसद संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं.
सोने पर बंपर छूट सोने के शिपमेंट में देरी के कारण दुबई के व्यापारी फंसे हुए स्टॉक को बेचने के लिए वैश्विक मानक मूल्य की तुलना में कम कीमत पर सोना बेच रहे हैं. मामले के जानकार ने कहा कि छूट लंदन के मानक मूल्य से 30 डॉलर प्रति औंस (करीब 900 रुपये प्रति 10 ग्राम) तक कम हो रही है. कम दरों पर सोना बेचने का फैसला बढ़ते भंडारण और लागत के कारण लिया जा रहा है. इसलिए खरीदार शीघ्र डिलीवरी की गारंटी के बिना नए शिपमेंट का ऑर्डर देने में हिचकिचा रहे हैं
गौरतलब है कि संयुक्त अरब अमीरात, विशेष रूप से दुबई, अंतरराष्ट्रीय सोने के बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह एशिया में खरीदारों के लिए सोने के रिफाइन सेंटर और एक्सपोर्ट सेंटर्स दोनों के रूप में कार्य करता है. दुबई स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और कई अफ्रीकी देशों से आने वाले माल के लिए सेंटर्स का काम करता है. ईरान की मिसाइल गतिविधियों के कारण हवाई क्षेत्र का लगातार बंद रहना इन आवागमनों को सीधे तौर पर बाधित कर रहा है, जिससे माल की आपूर्ति की मात्रा और समय दोनों प्रभावित हो रहे हैं.
भारत पर क्या हो रहा असर? दुबई से सोने के सबसे बड़े आयातकों में से एक भारत में फिलहाल पर्याप्त भंडार होने के कारण तत्काल प्रभाव सीमित है. मेटल्स फोकस के दक्षिण एशिया के प्रमुख सलाहकार चिराग शेठ ने कहा कि अभी तो पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन अगर यह स्थिति कुछ महीनों तक बनी रहती है, तो समस्या पैदा हो सकती है. भारत में निकट भविष्य में सोने की मांग में आई कमी का कारण साल की शुरुआत में आयात में हुई वृद्धि है, जिसके चलते फिलहाल भंडार में भारी बढ़ोतरी हुई है.













