
छत्तीसगढ़ में वोटिंग के बीच सुकमा और कांकेर में मुठभेड़, कई नक्सलियों के मारे जाने की खबर
AajTak
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है, लेकिन खबर आ रही है कि मतदान प्रक्रिया के बीच नक्सली हमला भी हुआ है. सुकमा के ताड़मेटला और दुलेड के बीच सीआरपीएफ और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है. वहीं, कांकेर ज़िले में बाँदे थाना क्षेत्र में भी मुठभेड़ हुई है. कई नक्सलियों के मारे जाने की खबर है.
सुकमा के ताड़मेटला और दुलेड के बीच सीआरपीएफ और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर है. कोबरा 206 के जवानों के साथ हो मुठभेड़ हो रही है. मीनपा में पोलिंग पार्टी को सुरक्षा देने के लिए जवान जंगलों में तैनात थे. सामने आया है कि यहां लगभग 20 मिनट तक मुठभेड़ चली है. इसमें कुछ जवान भी घायल हुए हैं.
वहीं, कांकेर ज़िले में बाँदे थाना क्षेत्र में बीएसएफ़ एवं डीआरजी की टीम मतदान के लिए एरिया डोमिनेशन पे निकली थी. इसी दौरान डीआरजी के साथ पानावर के पास क़रीब 1 बजे मुठभेड़ हुई . घटना स्थल से AK47 बरामद हुई है. क्षेत्र की सर्च करवाई जारी है. कुछ नक्सली के घायल या मृत होने की संभावना है.
बता दें कि एक तरफ जब छत्तीसगढ़ के सुकमा में वोटिंग चल रही थी तो दोपहर 1 बजे करीब पदेड़ा के दक्षिण में पुलिस और माओवादियों की बीच मुठभेढ़ हो गई. मतदान दिवस को एरिया डॉमिनेशन डयूटी पर निकली केंद्रीय रिजर्व पुलिस की 85वीं वाहिनी एवं माओवादियों के बीच यह मुठभेड़ हुई. मुठभेढ़ लगभग 5-10 मिनट चली, माओवादियों को 2-3 शव उठाकर भागते हुए देखा गया मौके पर खून के धब्बे एवं घसीटे जाने के चिह्न भी मिले. सभी जवान सुरक्षित हैं औरआसपास सर्चिंग अभियान जारी है.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










